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संसद सत्र: सड़क हादसों के पीड़ितों को कैशलेस इलाज देने की तैयारी, जानें लोकसभा-राज्यसभा के सभी अहम अपडेट्स

Thu, 31 Mar 2022 10:22 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में गडकरी ने बताया कि  भारत में ट्रक-लॉरी की वजह से साल 2019 में 37,078 सड़क हादसे हुए जिनमें 13,532 लोगों की जान गई। पढ़ें संसद के अहम अपडेट्स...
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संसद भवन - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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सड़क दुर्घटना का शिकार होने वाले लोगों के लिए सरकार अहम योजना बना रही है। सरकार की योजना है कि ऐसे पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार की सुविधा मुहैया कराई जाए। सरकार स्वर्णिम चतुर्भुज के चारों मार्गों पर इसे लागू करने की तैयारी में है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि योजना की सफलता का आकलन इसके धरातल पर उतरने के बाद ही किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि दल्ली-मुंबई, मुंबई-चेन्नई, चेन्नई-कोलकाता, कोलकाता-आगरा और आगरा-दिल्ली कॉरिडोर के बीच पहचाने गए राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों पर चालकों, यात्रियों, पैदल चलने वालों, साइकिल चालकों सहित सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए एनएचएआइ कैशलेस उपचार सुविधा की योजना बना रहा है।

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लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में गडकरी ने बताया कि  भारत में ट्रक-लॉरी की वजह से साल 2019 में 37,078 सड़क हादसे हुए जिनमें 13,532 लोगों की जान गई। वहीं, 2018 में सड़क हादसों में 23,868 नागरिक मारे गए थे। 2018 में केवल ट्रक-लॉरी से 57,441 हादसे हुए थे। उन्होंने बताया कि कि वाहन चालकों की सहूलियतों के लिए मंत्रालय ने कई कदम उठाए हैं। इनमें राजमार्गों के निकट जनसुविधाएं, फूड कोर्ट, ट्रक पार्किंग आदि प्रमुख हैं।

फास्टैग से अब तक 32,451 कमाए
गडकरी ने बताया कि फास्टैग से टोल प्लाजा पर इस वित्त वर्ष की 22 मार्च तक 32,451 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ है। दावा किया कि फास्टैग व्यवस्था में शुल्क लागू किए गए प्लाजा से गुजरने में एक वाहन को औसतन 47 सेकंड लग रहे हैं। इससे एक घंटे में प्लाजा से की एक लेन से औसतन 148 अतिरिक्त वाहन गुजर पा रहे हैं। यह उत्पादकता को 130 प्रतिशत बढ़ाता है।
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सीबीएफसी पर बोले अनुराग ठाकुर
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने राज्य सभा में बताया कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) किसी फिल्म को बैन नहीं करता। फिल्मों का प्रदर्शन राज्य सरकारों का विषय है। बोर्ड केवल सार्वजनिक प्रदर्शन का प्रमाणपत्र देने से इनकार कर सकता है, उसने पिछले 8 साल में ऐसा केवल 6 फिल्मों के साथ किया है। उन्होंने बताया कि बोर्ड निर्धारित कानून व नियमों के तहत केवल फिल्म को यू, यूए, ए और एस श्रेणी में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रमाणपत्र देता है। फिल्म को बैन करने की शक्तियां उसे नहीं है, राज्य सरकारों के पास है जो अपने राज्य में ऐसा कर सकती हैं।

हवाई यात्रा में एक हैंडबैग ले जाने की अनुमति पर सख्ती से अमल
विमान कंपनियों के लिए एक हैंडबैग नियम का सख्ती से पालन अनिवार्य है, कंपनियां ऐसा कर भी रही हैं। यह जानकारी केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने बृहस्पतिवार को लोकसभा के प्रश्नकाल में दी। मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो ने साल 2000 में अपने सर्कुलर में यह नीति जारी की। इसके अनुसार यात्री अपने साथ एक हैंड बैग और एक लैपटॉप ले जा सकते हैं। ब्यूरो ने 12 जनवरी 2022 को भी इसके सख्त अनुपालन के लिए अपनी बैठक में निर्देश दिए हैं।

हैंड बैग के साथ यह भी ले जा सकते हैं
महिलाओं का हैंडबैग, ओवरकोट, कंबल, कैमरा, दूरबीन, उचित संख्या में किताबें, छतरी, छड़ी, नवजात शिशु का भोजन व उसे रखने की बास्केट, फोल्ड होने वाली व्हीलचेयर, जरूरतमंद को बैसाखियां व चलने के लिए सहारे का फ्रेम, ड्यूटी-फ्री दुकानों से खरीदे गए तोहफे।

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र व राज्यों के 35 हजार मामले लंबित
सरकार ने राज्यसभा में बताया कि सुप्रीम कोर्ट में 2017 से केंद्र और राज्य सरकारों से संबंधित 35,000 से ज्यादा मामले लंबित हैं। ये मामले लगातार बढ़ रहे हैं। विधिमंत्री किरेन रिजिजू ने बृहस्पतिवार को एक प्रश्न के जवाब में कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार केंद्र सरकार के और उसके खिलाफ और राज्यों के विभिन्न अदालतों में पिछले सालों में मामले बढ़े हैं। मंत्री ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की 1807 याचिकाएं लंबित हैं, जबकि केंद्र के खिलाफ 6,104 मामले लंबित हैं। वहीं, राज्यों के 6426 मामले लंबित हैं, जबकि 20637 ऐसे मामले हैं, जिनमें उन्हें जवाब देना है। मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में 823 वकील विभिन्न मामलों में सरकार का बचाव कर रहे हैं।

डॉक्टरों का शोषण बंद होना चाहिए
राजस्थान में मरीज की मौत के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज होने से परेशान डॉक्टर द्वारा आत्महत्या करने का मामला बृहस्पतिवार को लोकसभा में तीन सदस्यों ने उठाया। उन्होंने इसे शर्मनाक बताया और कहा कि चिकित्सकीय लापरवाही व इलाज की जटिलता से होने वाली मौतों में फर्क स्पष्ट करने की जरूरत है। डीएमके सांसद व डॉक्टर डीएनवी सेंथिलकुमार ने कहा कि यह घटना देश में मरीज-डॉक्टर अनुपात पर बुरा असर डाल सकती है। भाजपा सांसद उमेश जाधव ने कहा कि डॉक्टरों का शोषण बंद होना चाहिए। दौसा से सांसद भाजपा की जसकौर मीणा ने कहा कि कांग्रेस के शासन में डॉक्टरों के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है।

मनरेगा के बजट में कटौती पर सोनिया ने उठाए सवाल
मनरेगा के बजट में कटौती पर लोकसभा में बृहस्पतिवार को सरकार और कांग्रेस के बीच जमकर बहस हुई। सोनिया गांधी ने बीते साल की तुलना में मनरेगा बजट में 35 फीसदी कमी करने और सोशल ऑडिट के नाम पर मनरेगा मजदूरों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। वहीं, ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने सोनिया पर गलत तथ्य रखने का आरोप लगाया। सोनिया ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि विपक्ष में रहते भाजपा जिस मनरेगा योजना की आलोचना करते नहीं थकती थी, उसी योजना ने कोरोना काल में करोड़ों गरीब परिवारों को सहायता पहुंचा कर सार्थक भूमिका निभाई।
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यूपीए की तुलना में बजट में 3.5 गुना बढ़ोतरी : सरकार
ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह और सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सोनिया गांधी का दावा सच्चाई से बहुत दूर है। गिरिराज ने कहा, यूपीए के समय 2013-14 में मनरेगा का बजट 33,000 करोड़ रुपये था। अब 1.12 लाख करोड़ है। आपदा में एक लाख करोड़ से ज्यादा का प्रावधान   किया। अनुराग ने कहा कि यूपीए के समय भ्रष्टाचार था। मजदूरों तक मजदूरी नहीं पहुंच पाती थी। अब मजदूरों के जन धन खाते में सीधे रकम पहुंचा रहे हैं।

महिलाओं की अगुवाई वाले एमएसएमई में 75 फीसदी का इजाफा
देश में महिलाओं के नेतृत्व वाले सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योग 75 फीसदी बढ़ कर 8.59 लाख इकाई हो गए हैं। एमएसएमई राज्यमंत्री भानुप्रताप सिंह वर्मा ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि पिछले साल महिलाओं की अगुवाई वाले 4.9 लाख उद्योग थे। सरकार ने एमएसएमई पंजीकरण करने के लिए 2020 के उद्यम पंजीकरण प्रक्रिया को बदल कर उद्योग आधार पंजीकरण कर दिया है।
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