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Prez Murmu Address Highlights: संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन, गिनाईं देश की उपलब्धियां

Wed, 28 Jan 2026 11:35 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र का संबोधन किया। इस दौरान उन्होंने देश की उपलब्धियां गिनाई। आईए जानते हैं उन्होंने क्या कहा? 
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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Prez Murmu Address Highlights:  बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन किया। इस दौरान उन्होंने देश की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा, "संसद के इस सत्र को संबोधित करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। पिछला वर्ष भारत की तीव्र प्रगति और विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रहा। पूरे देश में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है। नागरिक बंकिम चंद्र चटर्जी को उनकी इस महान प्रेरणा के लिए नमन कर रहे हैं। मैं सभी सांसदों को बधाई देती हूं कि संसद में इस विषय पर विशेष चर्चा हुई।"

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इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, "देश ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया। वहीं, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरे देश ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही आदिवासी समुदाय के प्रति उनके योगदान को याद किया। सरदार पटेल की 150वीं जयंती से संबंधित कार्यक्रमों ने 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को और मजबूत किया। पूरे देश ने देखा कि भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती समारोह ने देश को संगीत और एकता की भावना से भर दिया। जब देश अपने पूर्वजों के योगदान को याद करता है, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है, जिससे 'विकसित भारत' की ओर हमारा सफर और भी तेज हो जाता है। 
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ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता देखी- राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, "श्री गुरु तेग बहादुर जी ने हमें सिखाया है 'भय कहूं को देत नेहन नेहन भय मानत आन'। इसका अर्थ है कि हमें न तो किसी को डराना चाहिए और न ही किसी से डरना चाहिए। इसी निडर मन और भावना के साथ हम देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। भारत ने सिद्ध किया है कि शक्ति का प्रयोग जिम्मेदारी और बुद्धिमत्ता के साथ किया जा सकता है। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुनिया ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता देखी। अपने संसाधनों से हमारे देश ने आतंकवाद के गढ़ों को नष्ट किया। मेरी सरकार ने यह कड़ा संदेश दिया है कि भारत पर होने वाले सभी हमलों का जवाब मजबूत और निर्णायक होगा। सिंधु जल संधि को स्थगित रखा गया है। यह आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई का एक हिस्सा है। देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम चल रहा है।


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देश शताब्दी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, "वर्ष 2026 के साथ हमारा देश इस शताब्दी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। भारत के लिए, इस शताब्दी के पहले 25 वर्षों का अंत कई सफलताओं, गौरवपूर्ण उपलब्धियों और असाधारण अनुभवों से भरा रहा है। पिछले 10-11 वर्षों में, भारत ने हर क्षेत्र में अपनी नींव मजबूत की है। यह वर्ष विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा का एक महत्वपूर्ण आधार है।"
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, "ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत-ग्राम विकास कानून बनाया गया है। इस नए सुधार से गांवों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी होगी। " इस दौरान एनडीए-भाजपा सांसदों ने तालियां बजाकर अपनी सराहना व्यक्त की। वहीं विपक्षी सांसद खड़े होकर विरोध जताते हुए कानून को वापस लेने की मांग करने लगे। 



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एनडीए से महिला कैडेटों का पहला बैच उत्तीर्ण हुआ
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, "मेरी सरकार की प्रगतिशील सोच और नीतियों के फलस्वरूप, देश के हर महत्वाकांक्षी क्षेत्र में महिलाओं ने तेजी से प्रगति की है। इसी दिशा में कुछ महीने पहले देश ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जब राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) से महिला कैडेटों का पहला बैच उत्तीर्ण हुआ। इससे यह विश्वास और भी मजबूत हुआ है कि देश के विकास और सशक्तिकरण में 'नारी शक्ति' सर्वोपरि है।"



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