महंत आदित्यनाथ पर टिप्पणी के मामले में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आजम खां के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वाकर शमीम रिजवी की अदालत में अधिवक्ता सौरभ श्रीवास्तव ने परिवाद दर्ज कराया है। 25 मई को वादी का कोर्ट में बयान होना है।
अधिवक्ता सौरभ श्रीवास्तव का कहना था कि नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां तीन मई को गोरखपुर आए थे। शाम साढ़े सात बजे सर्किट हाउस में उन्होंने गोरखनाथ मंदिर के महंत व सदर सांसद योगी आदित्यनाथ पर अमर्यादित टिप्पणी की थी।
मंत्री ने कहा था कि योगी पहले शादी करें और मर्द होना साबित करें। आजम खां की इस टिप्पणी ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, धार्मिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव डालने और धार्मिक विश्वासों को अपमानित करने का काम किया है। नाथ संप्रदाय की परंपरा के अनुसार योगी अविवाहित रहते हुए योग साधना करते हैं और आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं। इसी परंपरा में योगी आदित्यनाथ भी परम योगी एवं अविवाहित हैं। वादी ने आजम खां की प्रेसवार्ता की सीडी भी परिवाद पत्र के साथ अदालत में दाखिल की है।