हवाई यात्रा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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कोरोना वायरस ने देश-विदेश अपना संक्रमण तेजी से फैलाया, जिस वजह से कई देशों को अंतरराष्ट्रीय सीमा बंद करने का निर्णय लेना पड़ा। हालांकि अब कोरोना का कहर कम होने लगा है लेकिन राष्ट्रों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा पर लगे प्रतिबंध को खोलने से संक्रमण दोबारा बढ़ सकता है।
ऐसे में कुछ देशों ने कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए हवाई यात्रा पर अभी भी प्रतिबंध लगाया हुआ है। हालांकि विदेश पढ़ने वाले छात्रों को वीजा के लिए बहुत परेशानी का सामान करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता को भी इस परेशानी से गुजरना पड़ रहा है।
एक मई को अमेरिका ने भारत से आने वाले हवाई यात्रियों पर प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन इस नियम में उन छात्रों को छूट दी गई थी, जो अमेरिका पढ़ने जाने वाले हैं। इसके अलावा महत्वपूर्ण हस्तियों के आगमन को भी अमेरिका में छूट मिली हुई है। काउंसलर करन गुप्ता का कहना है कि एक जाने-माने बिल्डक के बच्चे को इस साल अगस्त में, साउथर्न कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना है। अपने बच्चे को अमेरिका छोड़ने के लिए बिल्डर ने पहले दुबई के लिए चार्टर्ड फ्लाइट की और वहां 15 दिन बिताने के बाद बच्चे का परिवार उसे अमेरिका छोड़ने के लिए लॉस एंजिलस पहुंचा।
एक और काउंसलर सोनल पारेख का कहना है कि कुछ बिजनेसमैन के दुबई में अपना व्यापार है, जिसकी वजह से वो दुबई में कुछ दिन रहने के बाद अपने बच्चों को छोड़ने अमेरिका जाते हैं। दरअसल, भारत में अपने बच्चों को अमेरिका छोड़ने जाने का ट्रेंड बहुत पॉपुलर है।
हालांकि भारत में अमेरिकी दूतावास के स्पष्ट करने के बाद कि अमेरिकी वीजा रखने वाले माता-पिता भी अपने बच्चों को छोड़ने अमेरिका नहीं आ सकते, भारतीय अभिभावको की चिंताएं और बढ़ गई थीं। इसलिए कुछ अभिभावकों ने ये तरीका निकाला कि जो देश भारत से आने वाले यात्रियों को प्रवेश की अनुमित दे रहे हैं और साथ में अमेरिका में भी प्रतिबंधित नहीं है, वहां अमेरिका जाने से पहले रुका जाए। इसलिए कुछ माता-पिता यूके जाने से पहले मिस्र में रुक रहे हैं, तो कुछ अमेरिका में प्रवेश करने से पहले रूस में ठहर रहे हैं।