नागपुर में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ चार लोगों के लिए काल बनकर आई। बाढ़ में 53 वर्षीय लकवे की शिकार महिला समेत चार की मौत हो गई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने देर शाम घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को मुआवजे के रूप में चार लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, उन्होंने आज सुबह नागपुर में बारिश की स्थिति का जायजा लिया।
पहला मामला सुरेंद्रगढ़ का है। एक अधिकारी ने बताया कि यहां संध्या धोरे और उनकी मां सयाबाई धोरे (72) के घर में बाढ़ का पानी घुस गया। हालांकि, रिश्तेदारों ने सयाबाई को बचा लिया, जबकि लकवे की शिकार संध्या को नहीं बचाया जा सका।
वहीं, दूसरा मामला गिट्टीखदान का है। यहां अकेली रहने वाली 70 वर्षीय मीराबाई कप्पूस्वामी की देर रात करीब दो बजे घर में पानी घुसने से मौत हो गई। इसके अलावा, शनिवार शाम को धनतोली पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत पंचशील चौराहे के पास एक नाले में एक अज्ञात शव मिला।
चौथा मामला अयोध्या नगर से सामने आया है। यहां के रहने वाले 52 वर्षीय चाय विक्रेता संजय शंकर गाडेगांवकर की सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के परिसर में तड़के 3 बजे पानी में डूबने से मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि वह जीएमसीएच में एक रिश्तेदार से मिलने आया था। अजनी पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया है।
बता दें, नागपुर में कुछ घंटें भारी बारिश हुई, जिसके बाद शहर के कई हिस्सों में बाढ़ आ गई। बचावकर्मियों ने मूक-बधिरों के एक स्कूल के 70 छात्र सहित 400 से अधिक लोगों को बाढ़ से बचाया। शहर में शनिवार देर रात दो बजे से तड़के चार बजे के बीच करीब 90 मिलीमीटर बारिश होने के बाद घरों और आवासीय इलाकों में पानी घुस गया और सड़कें नदियों की तरह नजर आईं।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है।