Indian Overseas: संसदीय समिति बेहतर गुणवत्ता वाले रोजगार के वादे पर भारतीयों को विदेश में निम्न स्तर या खतरनाक नौकरियों के लिए मजबूर किए जाने की हालिया घटनाओं के मुद्दे को उठाएगी।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति काम के लिए विदेश जाने वाले लोगों के साथ खराब व्यवहार के मुद्दे पर विचार करेगी। बेहतर गुणवत्ता वाले रोजगार के वादे पर भारतीयों को विदेश में निम्न स्तर या खतरनाक नौकरियों के लिए मजबूर किए जाने की हालिया घटनाओं के मद्देनजर समिति इस मुद्दे को उठाएगी।
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सूत्रों के मुताबिक विदेश मामलों की स्थायी समिति ने सोमवार को पहली बैठक में अपने एजेंडे पर चर्चा की जिसमें यह मुद्दा शामिल था। समिति में शामिल सांसदों ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है। बैठक में एक ऐसे मामले का भी जिक्र किया गया जिसमे कुछ भारतीयों को रोजगार के वादे पर वहां पहुंचने के बाद यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूसी सेना के लिए काम करने के लिए मजबूर किया गया था।
सरकार ने अगस्त में संसद को बताया था कि संघर्ष में कम से कम आठ भारतीय मारे गए थे और उसने उनकी रिहाई तथा समग्र सुरक्षा के लिए रूस के साथ इस मामले को जोरदार तरीके से उठाया था।
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सूत्रों ने यह भी बताया कि समिति के अगले एजेंडे में पश्चिम एशिया में इस्राइल और फलस्तीन का समर्थन करने वाले समूहों के बीच संघर्ष और बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति शामिल हो सकती है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी इन मुद्दों पर समिति के सदस्यों को आगामी बैठकों की जानकारी दे सकते हैं।