लाहौर में रुकने और रूस, अफगानिस्तान, ईरान व कतर यात्रा के दौरान पाक से गुजरने का था बिल
आरटीआई से मिली जानकारी
आरटीआई कार्यकर्ता कोमोडोर (रिटा.) लोकेश बत्रा के अनुसार, जून 2016 तक पीएम मोदी ने 11 देशों की यात्रा के लिए वायुसेना के विमान का इस्तेमाल किया। पीएम नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, कतर, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, रूस, ईरान, फिजी और सिंगापुर गए। बत्रा को अगस्त 2017 से 30 जनवरी 2018 के बीच आरटीआई आवेदन के जवाब में ये जानकारियां मिली हैं।
लाहौर में रुकने का चार्ज 1.49 लाख
25 दिसंबर, 2015 को मोदी पाक पीएम नवाज शरीफ के आग्रह पर कुछ देर के लिए लाहौर गए थे। वह रूस और अफगानिस्तान की यात्रा से लौटने के दौरान लाहौर पहुंचे थे। पाक में भारतीय उच्चायोग से आरटीआई के तहत मिली जानकारी के अनुसार, इसके लिए पाक ने भारत को 1.49 लाख रुपये का बिल दिया था। यह राशि रूट नेवीगेशन शुल्क के तौर पर मांगी गई थी। अलम्मा इकबाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मोदी की अगवानी खुद नवाज शरीफ ने की थी। जब शाम 4.50 बजे पीएम का विमान लाहौर में उतरा तो उनके लिए एयरपोर्ट पर रेड कॉरपेट तक बिछाई गई। इसके बाद वह हेलीकॉप्टर से शरीफ के जन्मदिन कार्यक्रम में शामिल होने उनके आवास रायविंड पहुंचे थे। यह लाहौर के बाहरी इलाके में स्थित है।
ईरान-कतर जाने के लिए भी लिया शुल्क
पाकिस्तानी अधिकारियों ने पीएम के वायुसेना के विमान से 22-23 मई, 2016 को ईरान जाने के लिए 77,215 रुपये और 4-6 जून के बीच कतर जाने के लिए 59,215 रुपये रूट नेवीगेशन शुल्क के तौर पर लिए। इन दोनों अवसरों पर पीएम का विमान पाक के हवाई क्षेत्र से गुजरा था। यह रिकॉर्ड भारत के विभिन्न मिशनों से मिले आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। पीएम मोदी ने 2014 से 2016 के बीच वायुसेना के विमान से ही विदेश यात्राएं कीं।
वायुसेना के विमान इस्तेमाल करने के लिए दो करोड़ खर्च
आरटीआई के तहत मिली जानकारी के अनुसार, वायुसेना के विमान से पीएम की विदेश यात्रा करने पर दो करोड़ रुपये खर्च हुए। आमतौर पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा के लिए एयर इंडिया के विमान का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए राष्ट्रीय विमान कंपनी बिल भेजती है।
विदेश मंत्रालय करता है बिल का भुगतान
पीएम की विदेश यात्रा के दौरान विदेश मंत्रालय बिल का भुगतान करता है। यह बिल उन देशों में भारतीय मिशनों द्वारा भेजा जाता है, जहां का दौरा पीएम करते हैं। इनमें ईंधन शुल्क, ग्राउंड हैंडलिंग, एयरपोर्ट शुल्क, कर्मचारियों को दिया जाने वाला महंगाई भत्ता, होटल में रुकने का शुल्क, क्रू के लिए कैटरिंग एवं मोबाइल, परिवहन की व्यवस्था समेत दूसरे शुल्क शामिल होते हैं।