केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, हाल में ही पंजाब से यूके में जाकर बसे तेजिंदर गिल (ताज गिल) नाम का युवक खालिस्तान का समर्थन कर रहा है। इस युवक ने खालिस्तान की मांग को आगे बढ़ाने के लिए यूके के एक हिस्से में नशे का कारोबार फैलाना शुरू किया है। खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक ताज गिल अफीम और चरस समेत हेरोइन जैसे नशे को घर में उगाईं ऑर्गेनिक सब्जियों के नाम पर बेच रहा है। गिल का इस धंधे में साथ देने के लिए कई और खालिस्तानी समर्थक भी जुटे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, गिल के नेटवर्क को केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने तलाशना शुरू कर दिया है। जानकारी इस बात की भी मिली है कि इस पूरे नेक्सस में सिर्फ तेजिंदर गिल ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, यूके, कनाडा और अमेरिका में बसे सिख फॉर जस्टिस के अलावा कई और खालिस्तान समर्थकों का गैंग शामिल हैं।
खुफिया एजेंसी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि दरअसल दुनिया भर के अलग-अलग मुल्कों बसे सिखों ने खालिस्तानी आतंकियों और उनके समर्थकों का विरोध करना शुरू किया है। नतीजतन उनको अपने इस प्रोपेगेंडा को फैलाने के लिए वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए पाकिस्तान की आईएसआई और उनके कुछ संगठनों ने खालिस्तानी समर्थकों को दुनिया के अलग-अलग मुल्कों में ड्रग्स उपलब्ध करवानी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक यह ड्रग्स पाकिस्तान के माध्यम से खालिस्तान समर्थकों को पहुंचाई जा रही है। इससे मिलने वाली रकम को दुनिया के अलग-अलग देश में भारत के खिलाफ माहौल बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में ही कनाडा के सरे और एडमंटन में आयोजित चार अहम बैठकें इसी नशे की रकम के चंदे से आयोजित की गई हैं। जबकि ऑस्ट्रेलिया के गुरुद्वारे में ऐसे ही खालिस्तान झंडों को पहुंचाया गया है।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक यूके में अवैध नशे के कारोबार से भारत के खिलाफ खालिस्तान सजिश रचने की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि केंद्रीय खुफिया एजेंसी इस मामले में अभी और जांच पड़ताल कर रही हैं, जिसमें ताज गिल के पंजाब कनेक्शन से लेकर कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। इस पूरे मामले में कुछ स्थानीय लोगों ने यूके के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन को सोशल मीडिया पर टैग करते हुए न सिर्फ शिकायत की है, बल्कि ऑर्गेनिक सब्जियों के नाम चल रहे रैकेट को भी एक्सपोज कर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है।
केंद्रीय खुफिया एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका में बसे खालिस्तानी समर्थक कमल सिंह उर्फ सूरमा के पास से भारी मात्रा में हेरोइन जब्त की गई थी। यह हेरोइन सूरमा को आईएसआई की ओर से उपलब्ध करवाई गई थी। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक सूरमा की तरह पाकिस्तान ऐसे ही कई और इंटरनेशनल हैंडलरों के माध्यम से नशे को आगे बढ़ा कर अपना एजेंडा सेट कर रहा है। इसी कड़ी में पाकिस्तान ने सिख युवाओं खासतौर से खालिस्तानी समर्थकों को अपना निशाना बना कर नशे का सौदागर बना रहे हैं।