दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को पाकिस्तान के हाई-कमीशन में तैनात महमूद अख्तर को चिड़ियाघर में रक्षा दस्तावेजों का लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। दिल्ली पुलिस ने अख्तर से पूछताछ भी की, लेकिन डिप्लोमेटिक इम्यूनिटी के चलते उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सका। विदेश मंत्रालय ने इस मामले में पाक उच्चायुक्त को तलब किया और अख्तर को देश छोड़ने के लिए कह दिया। इस संबंध में दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी रवींद्र यादव ने मीडिया को बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि चिड़ियाघर में ये लोग दस्तावेजों का लेन-देन करने वाले हैं। इसी के आधार पर पाक उच्चायोग के अधिकारी महमूद अख्तर और राजस्थान के दो लोगों को गुरुवार को पकड़ा गया। पुलिस को शक है कि इनके नेटवर्क से कई और लोग जुड़े हो सकते हैं, उनकी तलाश की जा रही है।
पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात अफसर महमूद अख्तर के बारे में दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया है कि वह दिल्ली के चिड़ियाघर या फिर चांदनी चौक में राजस्थान के दो लोगों को बुलाकर दस्तावेजों का लेन-देन करता था।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई ने जानबूझकर महमूद अख्तर को हाई कमीशन के वीजा सेक्शन में तैनात किया था। वह वीजा एप्लिकेशन के लिए आने वालों को जाल फंसाता था।
पाकिस्तानी सेना की 40वीं बलूच रेजीमेंट में हवलदार था महमूद अख्तर
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बताया जा रहा है कि महमूद अख्तर पाकिस्तानी सेना की 40वीं बलूच रेजीमेंट में हवलदार था। उसे 3 वर्ष पहले ISI ने रिक्रूट किया और ट्रेनिंग दी थी।
जरूरतमंदों को पैसे का लालच देकर ISI के लिए काम करने को कहता था।
अख्तर भारतीय जासूसों को रिक्रूट कर फोर्स के मूवमेंट की गुप्त जानकारी हासिल कर आईएसआई को भेजता था।
दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के रहने वाले मौलाना रमजान और सुभाष जांगिड़ को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सुभाष की आर्थिक हालत बहुत खराब थी, इसी का फायदा उठाकर मौलाना ने उसे अपने साथ शामिल कर लिया।
पुलिस को इनके पास से बीएसएफ मूवमेंट और बॉर्डर एरिया के मैप मिले हैं
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बताया जाता है कि सुभाष किराने की दुकान चलाता है। दिल्ली पुलिस का दावा है कि उसने पैसे के लालच में जानकारी लीक करने की बात कबूली है।
वहीं, मौलाना रमजान के बारे में बताया जा रहा है कि वह बच्चों को पढ़ाता है।
मौलाना और जांगिड़ मिलकर बॉर्डर एरिया में आर्मी-बीएसएफ की तैनाती से जुड़ी जानकारियां इकट्ठी करके अख्तर को भेजा करते थे।
दिल्ली पुलिस को इनके पास से बीएसएफ मूवमेंट और बॉर्डर एरिया के मैप मिले हैं। इसके अलावा वीजा और पैसों के लेन-देन के कागजात भी बरामद किए गए हैं।