भारत सरकार ने तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के अरुणाचल प्रदेश दौरे को हरी झंडी दे दी है। उनका यह दौरा अगले साल के शुरू में प्रस्तावित है। इस कदम से चीन भड़क सकता है, क्योंकि कुछ दिनों पहले अमेरिका के राजदूत रिचर्ड वर्मा के अरुणाचल प्रदेश के दौरे से चीन बौखला गया था।
सोमवार को चीन ने कहा था कि वह वर्मा के अरुणाचल प्रदेश दौरे का सख्त विरोध करता है, क्योंकि यह भारत और चीन के बीच विवादास्पद क्षेत्र है। वर्मा ने तवांग फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए अरुणाचल प्रदेश का दौरा किया था। यहां तक की चीन ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह भारत-चीन सीमा विवाद में हस्तक्षेप न करे। अगर ऐसा होता है तो विवाद और उलझेगा तथा काफी जद्दोजहद के बाद सीमा पर बनी शांति प्रभावित होगी। भारत के विदेश विभाग के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा था कि अमेरिकी राजदूत के अरुणाचल दौरे में कुछ भी असामान्य नहीं है, क्योंकि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है।