फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या मामले पर बयान देकर फंस गया पाकिस्तान, याद आने लगी मथुरा और काशी

सार

Ayodhya Ram Mandir: पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने राम मंदिर के शुभारंभ पर आधिकारिक तौर पर प्रतिक्रिया दी है। राम मंदिर के शुभारंभ पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया में काशी की ज्ञानवापी और मथुरा की मस्जिद का जिक्र किया है।
विज्ञापन
पाकिस्तान का ध्वज - फोटो : पिक्साबे
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अयोध्या में हुए राम मंदिर के भव्य शुभारंभ पर जब पूरी दुनिया में एक अलग तरह का जोश दिख रहा है तो पाकिस्तान को इस पर मिर्ची लग रही है। मिर्ची भी इस कदर कि वह अयोध्या के बाद काशी और मथुरा का राग अलापने लगा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जब राम मंदिर के शुभारंभ पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी तो सोशल मीडिया पर पाकिस्तान को ही लेने के देने पड़ गए। हालांकि, विदेश मामलों के जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान को अपने पड़ोसी देश में इस तरह के दखल देने की बिलकुल जरुरत नहीं है। बल्कि, पाकिस्तान को अपने देश की बदहाल अर्थव्यवस्था और अल्पसंख्यकों पर हो रहे जुल्म पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। वहीं, जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान में फरवरी के दूसरे सप्ताह में चुनाव होने हैं। इसलिए, वह माहौल बनाने के लिए अयोध्या में राम मंदिर के शुभारंभ के बाद बयानबाजी कर रहा है।

विज्ञापन


पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने राम मंदिर के शुभारंभ पर आधिकारिक तौर पर प्रतिक्रिया दी है। राम मंदिर के शुभारंभ पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया में काशी की ज्ञानवापी और मथुरा की मस्जिद का जिक्र किया है। विदेशी मामलों के जानकार रिटायर्ड कैप्टन सुमित मल्होत्रा का कहना है कि जिन मामलों में हमारे देश में कानूनी प्रक्रिया चल रही है उसमें पाकिस्तान की बयानबाजी बताती है कि वह किस तरीके से अपने पड़ोसी देश में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है जब पूरी दुनिया से भारत के अयोध्या में बने राम मंदिर पर शुभकामनाएं मिल रही हैं तो पाकिस्तान की ओर से आई अयोध्या के साथ काशी और मथुरा की प्रतिक्रिया हताशा भरी ही है। 

भारतीय विदेश सेवा के रिटायर्ड अधिकारी आलोक सिन्हा कहते हैं कि पाकिस्तान अपने देश के हालातों पर नजर डालने की बजाय पड़ोसी मुल्क पर ज्ञान दे रहा है। जबकि हकीकत यह है कि दुनिया के सभी प्रमुख प्लेटफार्म पर इस बात की तस्दीक हुई है कि पाकिस्तान के अल्पसंख्यको का बहुत बुरा हाल है। सिन्हा कहते हैं पाकिस्तान के ऊपर आतंकवादियों को पालने पोसने के लगातार आरोप लगते रहे हैं। अमेरिका और भारत के बाद ईरान ने ऐसे ही आतंकी कैंपों को नष्ट करने के लिए एयर स्ट्राइक की। बावजूद इसके पाकिस्तान ना तो अपनी हरकत से बाहर आ रहा है और ना ही बेवजह की बयानबाजी से।
विज्ञापन


फिलहाल पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से जारी बयान पर लोगों ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान को आड़े हाथों ले लिया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक एक्स हैंडल पर काशी और मथुरा के साथ पीओके पर भी इस तरीके के बयान देने की बात कही। लोगों ने कहा जो बयान पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काशी और मथुरा के लिए दिया है उसी तरीके का बयान उसको पीओके के लिए भी देना चाहिए। आधिकारिक एक्स हैंडल पर लोगों ने पाकिस्तान की बदहाल अर्थव्यवस्था से लेकर अल्पसंख्यकों पर हो रहे जुल्मों का भी जिक्र किया।

दिल्ली विश्वविद्यालय में साउथ एशियन स्टडीज के असिस्टेंट प्रोफेसर अभिषेक प्रताप सिंह कहते हैं कि पाकिस्तान की ओर से भारत में मुस्लिम और अन्य पिछड़ों की बात कर अपने ही देश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे जुल्म पर आंखें बंद कर ली है। वह कहते हैं कि इंटरनेशनल एजेंसीज ने भी पाकिस्तान को अपने देश में अल्पसंख्यकों को सुरक्षित रखने के लिए बेहतर माहौल बनाने की बात कही है। लेकिन पाकिस्तान खुद के गिरेबान में झांकने की बजाय अयोध्या में राम मंदिर के शुभारंभ पर बयान बाजी कर रहा है। अभिषेक सिंह कहते हैं कि दरअसल पाकिस्तान में कुछ दिनों में चुनाव होने हैं इसलिए इस तरह की बयानबाजी कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें