भारत ने कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान पर आईसीजे के निर्णय को लागू करने का कर्तव्य को नहीं निभाने का आरोप लगाया है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान ने अभी तक सभी दस्तावेज और जाधव तक पूर्ण राजनयिक पहुंच उपलब्ध नहीं कराई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को कहा कि पाकिस्तान ने स्वतंत्र व पारदर्शी ट्रायल के लिए एक भारतीय वकील या ब्रिटिश क्वीन के काउंसिल को नियुक्त करने के आग्रह पर अभी तक उचित प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के निर्णय के तहत पाकिस्तान को एक निर्विवाद, अबाधित और बिना शर्त की राजनयिक पहुंच देनी चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी अधिकारियों पर पूरे दस्तावेज तक नहीं देने का आरोप लगाया
साथ ही जाधव के साथ भारतीय अधिकारियों की मुलाकात भयमुक्त वातावरण में कराई जानी चाहिए। भारत ने यह भी कहा है कि जाधव और उच्चायोग के अधिकारियों के बीच बातचीत को पूरी तरह गोपनीय होना चाहिए और इसमें किसी भी पाकिस्तानी अधिकारी की उपस्थिति या रिकार्डिंग का इंतजाम नहीं किया जाना चाहिए।
बता दें कि जियो न्यूज ने पिछले सप्ताह पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता जाहिद हफीज चौधरी के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि भारत के पास पाकिस्तानी अदालतों के साथ सहयोग करने के अलावा कोई चारा नहीं है। रिपोर्ट में चौधरी ने कहा था कि पाकिस्तानी अदालतों में केवल वहां वकालत करने के लिए पंजीकृत वकीलों को ही पेश होने की अनुमति होती है।
पाकिस्तान का दावा है कि भारतीय नौसेना के रिटायर्ड अधिकारी जाधव को 2016 में बलूचिस्तान में भारत के लिए जासूसी करते हुए पकड़ा गया था।
भारत इस दावे को खारिज करते हुए आरोप लगाता है कि जाधव का ईरान के चाबहार बंदरगाह से अपहरण किया गया था, जहां वे अपने व्यापार के सिलसिले में गए थे। 2017 की शुरुआत में एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने जाधव को फांसी की सजा सुना दी थी, जिसके खिलाफ भारतीय अपील पर आईसीजे ने रोक लगा दी थी।