पाकिस्तान के क्वेटा में विस्फोट (फाइल फोटो)
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान
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आतंकवादी देश की छवि बना रहा
आईएफएफआरएएस ने लंदन विश्वविद्यालय के एक शोधकर्ता आयशा सिद्दीका के हवाले से कहा है कि अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में वापस आने के साथ, पाकिस्तान में इस्लामी कट्टरपंथ की समस्या बढ़ रही है और पाकिस्तान एक आतंकवादी देश के रूप में अपनी छवि को आगे बढ़ा रहा है। थिंक टैंक के अनुसार, पाकिस्तान पर तालिबान सरकार को मान्यता देने और शरीया कानून लागू करने दबाव बढ़ता जा रहा है। इस तरह के दबाव के बाद पाकिस्तान में आतंकी संगठनों को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे "रक्तपात" हो सकता है।
आईएफएफआरएएस ने पाकिस्तानी शांति अध्ययन संस्थान के निदेशक मुहम्मद अमीर राणा के बयान का जिक्र करते हुए कहा है कि तालिबान के सत्ता संभालने के साथ, पाकिस्तान विरोधी आतंकवादी समूहों को प्रोत्साहित किया जाएगा, लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होगी देश में एक नए युद्ध की शुरुआत हो सकती है।
‘जिहादी आतंकी’ पाकिस्तान की विदेश नीति का अंग
आईएफएफआरएएस ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, लेफ्टिनेंट जनरल एचआर मैकमास्टर के बयान का भी उल्लेख किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि, ‘हमें यह दिखाना बंद करना होगा कि पाकिस्तान हमारा भागीदार है। जबकि वह दुश्मन देश है जो "जिहादी आतंकवादियों" को अपनी विदेश नीति के एक अंग के रूप में उपयोग करता है’। उनके मुताबिक पाकिस्तान इन ताकतों को संगठित, प्रशिक्षित और हथियारों से लैस करता है और जिहादी आतंकवादी संगठन उसकी विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।