पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर हिंसा और आतंक का बड़ा दौर देखने को मिला है। अलग-अलग जगहों पर हुए हमलों और जवाबी अभियानों में 67 आतंकवादी मारे गए, जबकि 10 सुरक्षाकर्मियों की भी जान चली गई। यह घटनाक्रम बताता है कि पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रहीं और हालात लगातार अस्थिर बने हुए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, आतंकियों ने सुरक्षा बलों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और आम नागरिकों को निशाना बनाते हुए 12 अलग-अलग स्थानों पर हमले किए। इसके बाद देर रात से लेकर शनिवार दोपहर तक सुरक्षा बलों ने जवाबी अभियान चलाया। इन अभियानों के दौरान भारी गोलीबारी हुई और बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए।
कई शहरों में एक साथ हमले
बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि क्वेटा, ग्वादर, मकरान, हब, चमन और नसीराबाद सहित कई इलाकों में हमले हुए। आतंकियों ने पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स को निशाना बनाया। ग्वादर के पास आतंकियों ने एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या कर दी, जिनमें एक महिला और तीन बच्चे शामिल थे।
ये भी पढ़ें- बंगाल में कमल खिलाने के लिए भाजपा की बड़ी तैयारी, इन मुद्दों पर टीएमसी को घेरने की तैयारी
रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक, बड़ा हादसा टला
पाकिस्तान के संघीय आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि आतंकियों ने नसीराबाद जिले में रेलवे ट्रैक पर बड़ी मात्रा में विस्फोटक लगा दिए थे। बम निरोधक दस्ते ने समय रहते इन्हें हटाकर संभावित बड़े हादसे को टाल दिया। हालांकि हमलों में 10 पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक फ्रंटियर कॉर्प्स के जवान मारे गए।
पहले भी मारे गए थे दर्जनों आतंकी
इससे पहले गुरुवार और शुक्रवार को पनजगुर और हरनाई में हुए अभियानों में 41 आतंकवादी मारे गए थे। वहीं, पंजाब प्रांत में छह और खैबर पख्तूनख्वा में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के पांच आतंकवादी ढेर किए गए। अधिकारियों के अनुसार, मारे गए आतंकियों की पहचान की जा रही है और यह जांच हो रही है कि वे किन संगठनों से जुड़े थे।
बढ़ती हिंसा से गहराता संकट
हाल के वर्षों में बलूचिस्तान में हिंसा तेजी से बढ़ी है। आंकड़ों के अनुसार, एक साल में मौतों की संख्या 787 से बढ़कर 956 हो गई, जो करीब 22 प्रतिशत अधिक है। 2025 में देशभर में 699 आतंकी हमले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्षों की तुलना में बड़ा उछाल है। लगातार बढ़ते हमले इस बात का संकेत हैं कि क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां गंभीर बनी हुई हैं।
अन्य वीडियो-