पर्यावरण की जीवनशैली पर पूछे जाने पर ओम बिरला ने कहा कि इस विषय पर संसद में व्यापक चर्चा हुई है और आवश्यकता बनने पर कानून भी बनाए गए हैं। लेकिन जलवायु परिवर्तन की समस्या पर नीति और कानून बनाना ही काफी नहीं है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि पी20 शिखर सम्मेलन में पर्यावरण से संबंधित विषयों को चर्चा के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने इसके समाधान के लिए दिनचर्या में बदलाव लाकर सामूहिक रूप से योगदान देने की आवश्यकता बताई है।
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सम्मेलन से पहले अपने संबोधन में ओम बिरला ने कहा, 'मैं लोकतंत्र की जननी में आप सभी का स्वागत करता हूं। भारत विभिन्नाओं में एकता का देश है। मुझे लगता है कि यह सम्मेलन नए मापदंडों को नई दिशा देने में सहायता करेगी। पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का संबंध विश्व के पारस्परिक भविष्य से है। इसलिए हम इस सम्मेलन में पर्यावरण से संबंधित विषयों को केंद्र में रखेंगे।'
पर्यावरण मानव जीवन का अभिन्न अंग
लोकसभा स्पीकर ने बताया कि पर्यावरण को मानव जीवन का अभिन्न अंग माना गया है। उन्होंने कहा, 'हमारे प्रचीन ग्रंथों में ऐसा कहा गया है कि जो पर्यावरण की रक्षा करता है, पर्वायरण उनकी रक्षा करता है।'
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पर्यावरण की जीवनशैली पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर संसद में व्यापक चर्चा हुई है और आवश्यकता बनने पर कानून भी बनाए गए हैं। लेकिन जलवायु परिवर्तन की समस्या पर नीति और कानून बनाना ही काफी नहीं है। इसके लिए हमें अपने दिनचर्या में बदलाव लाने की आवश्यकता है।
इससे पहले ओम बिरला पी20 शिखर सम्मेलन के लिए संसदीय मंच के आयोजन स्थल यशोभूमि तक पहुंचने के लिए दिल्ली मेट्रो में सफर तय किया। उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी थी। उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'लाइफ : लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट' विषय पर संसदीय फोरम में शामिल होने के लिए यशोभूमि पहुंचने के लिए दिल्ली मेट्रो में सफर तय किया। यह बहत सुविधाजनक और समय बचाने वाला लगा। मैं हर किसी से मेट्रो को चुनने का आग्रह करता हूं।' ओम बिरला ने बताया कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाइफस्टाइल का विचार पूरी दुनिया के सामने रखा है।