पी20 शिखर सम्मेलन के नौवें संस्करण में लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने भारत को सबसे पुराना लोकतंत्र बताते हुए कहा कि हम गर्व से कह सकते हैं कि हमने संसदीय लोकतंत्र प्रणाली को अपनाया है, जहां समाज के अंतिम व्यक्ति की आकांक्षाएं संसद के माध्यम से सरकार तक पहुंचती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस सम्मेलन में डिजिटल के विषय पर भी चर्चा की जाएगी।
जलवायु परिवर्तन पर होगी चर्चा
लोकसभा स्पीकर ने बताया कि पी20 शिखर सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन पर भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा, 'हम यह चर्चा करेंगे कि कैसे भारत जैसे विकासशील देश ने जलवायु परिवर्तन को लेकर एक नया दृष्टिकोण दिया है। हमारी महिलाओं ने आजादी से पहले और बाद में भी स्वतंत्रता आंदोलन की लड़ाई लड़ी थी। महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे निकल रही है।'
ओम बिरला ने कहा, 'जी20 की ऐतिहासिक सफलता और नई दिल्ली के नेताओं की घोषणा को अपनाने के बाद हम पी20 का आयोजन करने जा रहे हैं, जहां दोनो सदनों के चेयरमैन उपस्थित रहेगें। आने वाले समय में पी20 सम्मेलन दुनिया को एक नई दृष्टिकोण दिखाएगा।'
डिजिटल के उपयोग को दिया जाएगा बढ़ावा
डिजिटल के उपयोग पर ओम बिरला ने कहा कि हमने कानून और नीतियां बनाते समय डिजिटल का उपयोग ज्यादा से ज्यादा किया है। डिजिटल के उपयोग से संसद की क्षमता का नया निर्माण हुआ है। इसके उपयोग को बढ़ाने के लिए पी20 में चर्चा की जाएगी।
ओम बिरला ने बताया कि जी20 देशों की संसद के स्पीकर इसमें हिस्सा लेंगे। इंडोनेशिया के बाद भारत को जी20 की अध्यक्षता मिली है। उन्होंने संसदीय मंच पर भी अनोखा नजरिया देखने की उम्मीद जताई है।