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China: 1300 से ज्यादा भारतीय छात्रों को मिला चीन का वीजा, सख्त कोविड प्रतिबंधों के कारण लगी थी रोक

Wed, 12 Oct 2022 05:30 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 1,300 से ज्यादा भारतीय छात्रों को चीन आने के लिए वीजा प्राप्त हुआ है। लगभग तीन सौ व्यवसायियों ने दो बैचों में चीनी एयरलाइंस की चार्टर्ड फ्लाइट से झेझियां प्रांत के यिवू शहर के लिए उड़ान भरी। 
 
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india china flag - फोटो : social media
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विस्तार
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चीन में पढ़ने वाले भारतीय छात्र अब अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। दरअसल, 1300 से ज्यादा भारतीय छात्रों को वापस चीन लौटने के लिए वीजा मिला है। साल 2020 में कोरोना महामारी और सख्त कोविड प्रतिबंधों के कारण सभी छात्रों के वीजा पर रोक लगा दी गई थी। 

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चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान में क्या कहा?
चीन के विदेश मंत्रालय में एशियाई मामलों के विभाग के महानिदेशक लियू जिनसोंग ने भारतीय राजदूत प्रदीप रावत से मुलाकात की और उन्हें इस प्रोग्रेस के बारे में जानकारी दी। चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 1,300 से ज्यादा भारतीय छात्रों को चीन आने के लिए वीजा प्राप्त हुआ है। लगभग तीन सौ व्यवसायियों ने दो बैचों में चीनी एयरलाइंस की चार्टर्ड फ्लाइट से झेझियां प्रांत के यिवू शहर के लिए उड़ान भरी। 

चीन के मेडिकल कॉलेजों में पढने वाले हजारों भारतीय छात्र इस समय घर में ही फंसे हुए हैं। 23 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र वर्तमान में विभिन्न चीनी विश्वविद्यालयों में नामांकित हैं, जिनमें से अधिकांश मेडिकल छात्र हैं। 
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जयशंकर ने अप्रैल में की थी अपने चीनी समकक्ष से मुलाकात
भारत लंबे समय से चीन से आग्रह कर रहा था कि वह छात्रों की वापसी के लिए अनुमति दे। जुलाई में चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ हुई बातचीत में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने प्रक्रिया में तेजी लाने की बात जोर दिया था और भारतीय छात्रों की चीन वापसी की बात को दोहराया था। 

कोरोना के कारण लगा था प्रतिबंध
गौरतलब है कि साल 2019 के आखिर में वुहान में पहली बार कोरोनावायरस के फैलने और वहां से इसके दुनिया भर में फैलने के बाद से दोनों देशों के बीच उड़ान सेवाओं पर प्रतिबंध लगा हुआ था। इस प्रतिबंधों के चलते सबसे ज्यादा परेशानी चीन में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों को हो रही थी। इसके अलावा चीन में काम करने वाले भारतीयों के परिवार और दोनों देशों के बीच व्यापार करने वाले व्यापारियों को भी सीधी उड़ान सेवा बाधित होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। 

12 हजार भारतीय विद्यार्थियों ने जताई चीन लौटने की इच्छा
अप्रैल में भारत और चीन में छात्रों की पढ़ाई पूरी कराने पर सहमति बनी थी। चीनी दूतावास ने लौटने के इच्छुक भारतीयों का विवरण एकत्र करने को कहा था। चीन में 23 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र थे। इनमें से ज्यादातर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। दिसंबर 2019 में कोरोना के प्रकोप के कारण उन्हें लौटना पड़ा था। इनमें से 12 हजार से ज्यादा ने पढ़ाई पूरी करने के लिए फिर चीन जाने की इच्छा जताई थी। इन छात्रों का विवरण भी चीनी दूतावास को उपलब्ध कराया जा रहा है। अभी दोनों देशों के बीच केवल राजनयिकों के लिए विमान सेवा उपलब्ध है।

पाकिस्तान, थाईलैंड, सोलोमन के विद्यार्थी पहले ही लौट चुके
हाल के महीनों में चीन ने अपने मित्र देशों में गिने जाने वाले पाकिस्तान, थाईलैंड, सोलोमन आइसलैंड और इनके बाद श्रीलंका के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए लौटने की इजाजत दी थी। इनके विद्यार्थी वहां पहुंच चुके हैं।

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