सादियाबाद के एमए कान्वेंट स्कूल में राष्ट्रगान पर रोक में मामले में सोमवार को फिर हंगामा हो गया। सुबह फीस वापसी की मांग करते हुए भाजपा नेताओं के साथ पहुंचे लोगों की प्रबंधक पक्ष से कहासुनी होने लगी। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
पुलिस ने लाठी भांजकर लोगों को खदेड़ दिया। मौके से स्थानीय पार्षद समेत दोनों पक्षों से छह लोगों को गिरफ्तार किए गए हैं। बवाल के बाद डीएम और एसएसपी भी मौके पर पहुंचे। अफसरों ने स्थानीय लोगों और अभिभावकों से बातचीत कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। बाद में पकड़े गए लोगों का शांतिभंग में चालान कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
दूसरी ओर गिरफ्तारी के विरोध में भाजपा और विहिप के लोगों ने कर्नलगंज थाने का घेराव कर नारेबाजी की। सोमवार सुबह फीस वापसी की मांग को लेकर भाजपा कार्यकर्ता द्वारिका निषाद के नेतृत्व में स्थानीय लोग स्कूल के बाहर प्रदर्शन के लिए जुटे थे। तभी स्थानीय पार्षद मकसूद भी समर्थकों के साथ आ गए। उनके बीच कहासुनी होने लगी। जिसके चलते स्थिति तनावपूर्ण होने लगी।
पुलिस ने लाठी भांजकर भीड़ को खदेड़ दिया। पार्षद मकसूद, शमसुल, द्वारिका निषाद, सिद्धार्थ निषाद, राहुल और कि शन को गिरफ्तार कर लिया। भाजपा कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की सूचना पाकर पार्षद राजू शुक्ला, शशांक त्रिपाठी, विजय मिश्र, डा. एलएस ओझा, पवन श्रीवास्तव, प्रभाशंकर गिरी, आशीष गुप्ता और विहिप नेता शिवम द्विवेदी दर्जनों समर्थक के साथ कर्नलगंज थाने पहुंच गए।
यहां प्रदर्शन भी किया। पकड़े गए लोगों शांतिभंग में चालान कर जेल भेज दिया गया। भाजपा के मीडिया प्रभारी पवन श्रीवास्तव ने कहा कि मंगलवार को डीएम को ज्ञापन देकर गिरफ्तार कार्यकर्ताओं के रिहाई की मांग करेंगे।
उधर रविवार रात हुए बवाल में चौकी प्रभारी ईश्वर शरण गणेश सिंह की तहरीर पर स्कूल प्रबंधक जियाउल हक, स्थानीय पार्षद मकसूद, जैद, द्वारिका निषाद, सिद्धार्थ निषाद, मनोज कुमार, ऊषा भारतीया समेत सैकड़ों अज्ञात के खिलाफ बलवा, मारपीट, गालीगलौज, दंगा भड़काने और 7 सीएलए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
राष्ट्रगान पर रोक लगाने वाले एमए कान्वेंट स्कूल के प्रबंधक जियाउल हक को रविवार शाम हुए बवाल के बाद कर्नलगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
रात में पुलिस ने जियाउल के खिलाफ एबीएसए शशांक शेखर शुक्ला की तहरीर पर धोखाधड़ी, कूट रचना और प्रिवेंशन ऑफ इनसल्ट टू नेशनल ऑनर एक्ट की धारा तीन के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। रविवार रात ही पुलिस ने मेडिकल के बाद प्रबंधक जियाउल हक को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद जेल भेज दिया।