क्योतो देखने काशी नहीं आते
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष विश्व विजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सात साल से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, लेकिन अभी तक वे यह नहीं समझ पाए कि लोग काशी में क्योतो वाली विलासिता, फाइव स्टार होटल और भौतिक वैभव देखने नहीं आते। लोग यहां अध्यात्मिक उन्नति, आत्मिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए आते हैं। यह शांति और मोक्ष मां गंगा के प्राकृतिक बहाव और नैसर्गिक सौंदर्य में मिलता है।
लेकिन दुर्भाग्य है कि सरकार होटलों के विकास और इसके नाम पर फैल रही गंदगी को विकास समझ रही है। इससे गंगा का प्राकृतिक बहाव बाधित हो रहा है, जगह-जगह पानी रुक कर सड़ रहा है। बिना सोचे समझे किए जा रहे निर्माण से वाराणसी में गंगा का अर्धचंद्राकार स्वरूप नष्ट हो रहा है। इससे धर्माचार्य और पर्यावरणवादियों में गहरी चिंता है, लेकिन सरकार इसे विकास बता रही है। हालांकि, भाजपा समर्थक इससे सहमत नहीं हैं।
‘पहली बार विकास को भूमि पर उतरते देखा’
वाराणसी क्षेत्र में भाजपा समर्थकों द्वारा ‘मिशन मोदी अगेन पीएम’ नाम से एक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के भदोही जिला मीडिया प्रमुख सुशील राय ने अमर उजाला से कहा कि उत्तर प्रदेश ने जवाहरलाल नेहरू से लेकर वर्तमान में नरेंद्र मोदी तक अनेक प्रधानमंत्री दिए हैं। शुरूआती दौर में प्रदेश के विकास को लेकर कुछ काम हुआ था, लेकिन बाद में यह पूरी तरह ठहर गया।
इस क्षेत्र की उपेक्षा का ही परिणाम हुआ कि पूरे देश में सबसे अच्छी कृषि योग्य भूमि और जलवायु होने के बाद भी यह क्षेत्र विकास में पिछड़ गया। गंगा-यमुना के दोआब के बीच बसा पूर्वांचल पिछड़ेपन और बेरोजगारी का पर्याय बन गया। यहां के युवा 10-15 हजार रुपये की नौकरी के लिए दिल्ली-मुंबई भटकते रहते हैं।
न्होंने कहा कि पर्यटन सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला क्षेत्र माना जाता है। प्रयागराज और काशी में बिना किसी सरकार के प्रयास के एक से दो करोड़ लोग हर साल पहुंचते हैं। अगर इस क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं पर काम किया गया होता तो यह क्षेत्र विकास की एक नई पहचान बन सकता था, लेकिन आज तक ऐसा नहीं किया गया। पहली बार कोई सरकार इस बात को समझ कर विकास कर रही है, इसका स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहली बार पूर्वांचल के लोग विकास को महसूस कर रहे हैं। यही कारण है कि इस क्षेत्र की जनता भाजपा के साथ खड़ी है।