फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Parliament: अब संसद में नजर आएगा आपातकाल के मौन का शोर, NDA को घेरने के लिए INDIA ब्लॉक ने की ये तैयारी

Wed, 26 Jun 2024 06:41 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला

सार

कांग्रेस पार्टी के सूत्रों का कहना है कि लोकसभा के अंदर का नजारा पिछले 10 वर्षों के मुकाबले बदला हुआ है। इस बार विपक्ष की सीटें ज्यादा भरी हुई हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सांसदों की संख्या का अंतर घटकर मात्र 59 रह गया है। इसलिए इस बार कांग्रेस और विपक्ष ज्यादा आक्रामक होगा। 
विज्ञापन
संसद में सत्तापक्ष बनाम विपक्ष। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मोदी सरकार 3.0 में ओम बिरला लगातार दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष चुने लिए गए हैं। अध्यक्ष बनने के बाद ओम बिरला ने सदन में इमरजेंसी की निंदा की। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाकर डॉ. आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का अपमान किया था। स्पीकर के प्रस्ताव रखते ही पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ने इमरजेंसी के दौरान जान गंवाने वालों की याद में दो मिनट का मौन रखने को कहा। सत्ता पक्ष के सांसदों ने मौन रखा। कांग्रेस और विपक्ष के सांसद हंगामा करते रहे, लेकिन अब आने वाले दिनों में संसद में इस मौन का शोर जबरदस्त तरीके सुनाई देगा। इसके लिए विपक्षी गठबंधन ने पूरी तैयारी कर ली है। 
विज्ञापन


दरअसल, संसद सत्र के पहले दिन से ही इंडिया गठबंधन बेहद आक्रामक नजर आ रहा ह। इंडिया गठबंधन ने पहले लोकसभा अध्यक्ष पद पर आम सहमति के बदले उपाध्यक्ष पद देने की मांग रख दी। लोकसभा उपाध्यक्ष पद नहीं मिलने की स्थिति में राहुल गांधी ने मंगलवार को पीएम मोदी पर हमला बोला। हालांकि बुधवार को संसद का अंक गणित इंडिया के पक्ष में नहीं होने के चलते उन्हें अपना फैसला बदलना पड़ा। लेकिन आखिरी मौके पर जैसे ही सरकार संसद में आपात काल का प्रस्ताव लाई, इसके बाद कांग्रेस पार्टी सत्ता पक्ष और स्पीकर पर ज्यादा हमलावर हो गई। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में विपक्ष का शोर ज्यादा गहरा होगा। इससे सत्ता पक्ष को सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाने में कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।

कांग्रेस पार्टी के सूत्रों का कहना है कि लोकसभा के अंदर का नजारा पिछले 10 वर्षों के मुकाबले बदला हुआ है। इस बार विपक्ष की सीटें ज्यादा भरी हुई हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सांसदों की संख्या का अंतर घटकर मात्र 59 रह गया है। इसलिए इस बार कांग्रेस और विपक्ष ज्यादा आक्रामक होगा। आपात काल के इस दो मिनिट के मौन का असर संसद की कार्यवाही में देखने को जरूर को मिलेगा। इंडिया गठबंधन लोकसभा और राज्यसभा में नीट-यूजी परीक्षा में धांधली समेत अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए नजर आएंगे।
विज्ञापन


विपक्ष ने घेरा शिक्षा मंत्री को 
लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव के बाद सदन में जब पीएम मोदी ने अपने मंत्रिमंडल का परिचय कराते वक्त शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम लिया, तो विपक्ष के सांसदों ने शेम-शेम कहना शुरू कर दिया। इसी तरह सोमवार को जब धर्मेंद्र प्रधान सांसद पद की शपथ लेने गए थे, तब भी विपक्ष के सांसदों ने नीट-नीट और शेम-शेम के नारे लगाए थे।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें