शशि थरूर ने अभिभाषण को सरकार का प्रोपेगेंडा बताया। टीएमसी के डेरेक ओब्रायन ने कहा कि कीमतों को नियंत्रित करने, रोजगार महिला आरक्षण जैसे प्रमुख मुद्दे अभिभाषण से गायब रहे।
विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को 2024 के आम चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र बताया। कहा- महंगाई, सांप्रदायिक सौहार्द और महिलाओं से जुड़े प्रमुख मुद्दों का इसमें जिक्र तक नहीं है। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और आम आदमी पार्टी (आप) ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह सरकार का बयान है जो राष्ट्रपति के माध्यम से आया है और इसमें कुछ भी नया नहीं है।
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शशि थरूर ने अभिभाषण को सरकार का प्रोपेगेंडा बताया। टीएमसी के डेरेक ओब्रायन ने कहा कि कीमतों को नियंत्रित करने, रोजगार महिला आरक्षण जैसे प्रमुख मुद्दे अभिभाषण से गायब रहे। बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि जनता की जेब खाली है, कुछ लोगों के हाथों में देश की पूंजी सिमट गई है जो देश की प्रगति के लिए घातक है।
बीआरएस-आप ने राष्ट्रपति का अपमान किया : भाजपा
भाजपा ने विपक्ष के बयानों को राष्ट्रपति का अपमान बताया है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, राजनीतिक विरोधी की एक सीमा होती है और विपक्षी दलों को कुछ मानदंडों को बनाए रखना चाहिए। कुछ लोगों ने इसे हमारे संसदीय लोकतंत्र के सबसे निचले स्तर पर ला दिया है। खासकर बीआरएस और आप ने जिन्होंने अभिभाषण का बहिष्कार किया।