प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्विटर अकाउंट हैक होने की घटना ने विपक्ष को केंद्र सरकार पर सवाल उठाने का मौका दे दिया है। इस घटना को लेकर विपक्ष के कई नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री का ट्विटर अकाउंट होना साइबर सुरक्षा में गड़बड़ी को उजाकर करता है। उन्होंने कहा कि जितनी जरूरी सीमा और आंतरिक सुरक्षा है उतनी ही महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा भी है। विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या सभी भारतीयों का आधार डाटा सुरक्षित है।
कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्विटर अकाउंट को हैक किया जाना गंभीर चिंता का विषय है। यह साइबर सुरक्षा में खामियों तो उजागर करता है। प्रौद्योगिकी में उन्नति और विश्वसनीयता के साथ नीति निर्माताओं को हर हालत में यह समझना चाहिए कि साइबर सुरक्षा भी सीमा और आंतरिक सुरक्षा जितनी ही महत्वपूर्ण है।' एक अन्य कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने भी इसे लेकर साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
'करोड़ों भारतीयों के आधार डाटा की सुरक्षा कैसे कर रही है सरकार?'
शमा मोहम्मद ने कहा कि अगर सरकार ठीक तरह से प्रधानमंत्री के अकाउंट की सुरक्षा नहीं कर पा रही है तो यह करोड़ों भारतीयों के बायोमीट्रिक आधार डाटा की सुरक्षा कैसे कर रही है। उधर, राज्यसभा में शिवसेना की उप नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, प्रधानमंत्री का अकाउंट थोड़ी देर के लिए हैक हुआ, साइबर सुरक्षा का स्तर बड़े स्तर पर उजागर हुआ।' इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने भी इस घटना पर तंज कसते हुए फिरकी ली।
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बीवी श्रीनिवासन ने ली फिरकी, पूछा- 'सब चंगा सी?
इस पूरे मामले में यह दावा करने वाले ट्वीट के जवाब में कि भारत की ओर से बिटकॉइन को आधिकारिक अनुमति देने का ट्वीट हैक अकाउंट से किया गया था, बीवी श्रीनिवास ने लिखा 'गुड मॉर्निंग जी, सब चंगा सी?' उन्होंने सवाल किया, 'जब हैकर प्रधानमंत्री के अकाउंट से बिटकॉइन बेच रहे थे, उस वक्त चौकीदार कहां थे?' बता दें कि रविवार को कुछ समय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट तो हैकरों ने निशाना बना लिया था।
तुरंत रिकवर किया गया पीएम का अकाउंट, ट्विटर के सामने उठाया मुद्दा
हैक अकाउंट से एक ट्वीट किया गया था जिसमें लिखा गया था कि भारत ने क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन को आधिकारिक तौर पर अनुमति दे दी है। बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने इस बारे में बताया था कि अकाउंट को तत्काल ही सुरक्षित कर लिया गया। पीएमओ ने बताया कि इस घटना को ट्विटर के सामने उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अकाउंट कुछ समय के लिए ही हैक रहा था और इस दौरान किए गए ट्वीट को नजरअंदाज करना चाहिए।