केंद्र 2011 या उसके बाद किसी वर्ष आईपीआर दाखिल न करने वालों के लिए दो सरकार ने वर्ष 2011 या उसके बाद किसी भी वर्ष चल संपत्ति का ब्योरा (आईपीआर) न देने वाले आईएएस अधिकारियों को इसके लिए एक विशेष अवसर देने का फैसला किया है। आईएएस अधिकारी 15 जुलाई से 14 सितंबर के बीच छूटे वर्षों से संबंधित संपत्ति का ब्योरा दाखिल कर सकेंगे।
इस छूट के बाद हर अफसर पर रहेगी निगाह
2021 में एक्ट में संशोधन के बाद आईपीआर दाखिल करने की व्यवस्था में सुधार हुआ। मगर, यह पूरी तरह से प्रभावी नहीं हो सका। इस नई व्यवस्था के बाद अफसरों को बहाने की गुंजाइश नहीं बचेगी। आगे समय से आईपीआर दाखिल न करने पर न सिर्फ वे पदोन्नति से वंचित होंगे बल्कि उनकी छवि भी शक के दायरे में होगी।
यूपी में समय पर आईपीआर दाखिल न करने वाले अफसरों की संख्या
| वर्ष | संख्या |
| 2011 | 69 |
| 2012 | 77 |
| 2013 | 98 |
| 2014 | 101 |
| 2015 | 120 |
| 2016 | 143 |
| 2017 | 79 |
| 2018 | 99 |
| 2019 | 96 |
| 2020 | 63 |
| 2021 | 64 |
| 2022 | 35 |