केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनसुख मंडाविया
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जहाजरानी मंत्रालय ने देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों को सिर्फ भारत में बनी टगबोट (जहाज को खींचने या धकेलने वाली नाव) खरीदने या किराये पर लेने का निर्देश दिया है। बंदरगाहों द्वारा सभी खरीद प्रक्रियाएं संशोधित मेक इन इंडिया आदेश के मुताबिक ही की जाएंगी। इसके पीछे सरकार का मकसद भारतीय पोत निर्माण उद्योग को बढ़ावा देना है।
केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनसुख मंडाविया ने बताया, सरकार सभी पुराने शिपयार्ड को पुनर्जीवित करने और देश के शिप बिल्डिंग उद्योग को बढ़ावा देना चाहती है। इसके तहत भारतीय बंदरगाह संघ के प्रबंध निदेशक की अगुवाई में स्थायी समिति गठित करने का प्रस्ताव है।
इसमें कोचीन शिप यार्ड लिमिटेड, शिपिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया, इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग और डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने का प्रस्ताव है। यह समिति पांच तरह की टगबोट के प्रकार को शॉर्टलिस्ट करेगी और एक मानक टग डिजाइन तैयार करेगी।