एक राष्ट्र-एक चुनाव पर केंद्र सरकार की तरफ से लगातार जारी मंथन के बीच भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने सुझाव दिया है कि कोई भी फैसला लेने से पहले देश के विभिन्न हिस्सों की जलवायु स्थिति को समझना जरूरी है। आईएमडी का मानना है कि चुनाव के लिए ऐसा समय चुना जाना चाहिए, जिसमें पूरे देश के लिहाज से मौसम चुनाव कराने के अनुकूल हो।
आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने एक साक्षात्कार के दौरान बताया कि जल्द ही होने जा रहे आम चुनावों के दौरान विभिन्न हिस्सों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इसे देखते हुए मौसम विभाग भारतीय निर्वाचन आयोग को लगातार मौसम पूर्वानुमान से अपडेट करा रहा है। चुनावों की संभावित तिथियां तय करने से पहले भी चुनाव आयोग ने इस बारे में मौसम विभाग से आवश्यक इनपुट लिया था। एजेंसी
20 दिन तक चल सकती है लू आईएमडी प्रमुख ने कहा कि अप्रैल में चार से आठ दिन लू चलने की संभावना है, जबकि सामान्यतः एक से तीन दिन हीटवेव वाले होते हैं। अप्रैल-जून में सामान्यतः चार से आठ दिनों की तुलना में 10 से 20 दिनों तक लू चलने के आसार हैं।
रैली-मतदान समय बदलने का प्रस्ताव नहीं
महापात्रा ने बताया कि चुनावों के दौरान तीव्र गर्मी के आसार देखते हुए मतदाताओं और चुनाव कर्मियों को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। इससे बेहतर ढंग से निपटने के लिए विशेष पूर्वानुमान प्रदान किया जा रहा है, लेकिन आईएमडी ने सार्वजनिक रैलियों और मतदान के समय में बदलाव का प्रस्ताव नहीं दिया है।
सटीक अनुमान के लिए एआई का इस्तेमाल
महापात्र ने बताया कि मौसम पूर्वानुमान को और अधिक सटीक बनाने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।