केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। कोविंद ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर गौर करने और इस संबंध में सिफारिशें देने के लिए बनाई गई समिति का नेतृत्व कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह शिष्टाचार भेंट थी जो करीब एक घंटे तक चली। इस उच्चस्तरीय समिति की आने वाले दिनों में पहली बैठक कराने के प्रयास चल रहे हैं और बैठक स्थल का नाम तय किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो भविष्य में होने वाली बैठकें मिश्रित (प्रत्यक्ष और ऑनलाइन) स्वरूप में हो सकती हैं।
इस उच्चस्तरीय समिति की पहली बैठक के लिए स्थान को अंतिम रूप दिया जा रहा है। भविष्य में समिति की बैठकें हाइब्रिड मोड में भी आयोजित की जा सकती हैं। बताया जा रहा है कि कानून मंत्रालय उन अधिकारियों को नामित करने की प्रक्रिया में है, जो समिति की मदद करेंगे और इसे सचिव स्तर की सहायता प्रदान करेंगे।
सरकार ने लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, नगर पालिकाओं और पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने के मुद्दे पर गौर करने और जल्द से जल्द सिफारिशें देने के लिए शनिवार को आठ सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति की अधिसूचना जारी की थी। कानून मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने रविवार को कोविंद से मुलाकात की थी और जानना चाहा था कि वह समिति के साथ एजेंडे पर किस तरह से आगे बढ़ेंगे।
आठ सदस्यीय समिति में कौन-कौन शामिल
कानून मंत्रालय के मुताबिक, इस समिति का नेतृत्व पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे। समिति में गृहमंत्री अमित शाह, राज्यसभा में विपक्ष के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद, वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह, लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष सी कश्यप, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त संजय कोठारी शामिल हैं। वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी आमंत्रण के बावजूद इस समिति में शामिल होने से इनकार कर चुके हैं।
विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भाग लेंगे मेघवाल
एक सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में उच्च स्तरीय समिति की बैठकों में भाग लेंगे। समिति का गठन पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले किया गया है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को समिति के गठन की जानकारी दी थी।