पहला महिला समुद्री निगरानी मिशन शुरू
- फोटो : X/@AN_Command
दुनियाभर के देशों में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की धूम है। इस बीच, अंडमान और निकोबार में शुक्रवार को पहला महिला समुद्री निगरानी मिशन शुरू किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सशस्त्र बलों के भीतर समान अवसर देने और लैंगिक तटस्थता को बढ़ावा देने की दिशा में इसकी प्रतिबद्धता को दिखाता है।
पहला महिला समुद्री निगरानी मिशन
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि आईएनएएस 318 की 40वीं वर्षगांठ और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अंडमान और निकोबार कमान द्वारा पहला महिला समुद्री निगरानी मिशन शुरू किया गया था। INS उत्क्रोश के चालक दल में लेफ्टिनेंट कमांडर शुभांगी स्वरूप, लेफ्टिनेंट कमांडर दिव्या शर्मा और लेफ्टिनेंट वैशाली मिश्रा शामिल थीं।
मंत्रालय के बयान के मुताबिक, इस अवसर पर नौसेना एयर आर्म के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया, जिसमें उड़ान-पूर्व ब्रीफिंग, मौसम संबंधी ब्रीफिंग, चिकित्सा जांच और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ब्रीफिंग शामिल थी, जिसका संचालन महिला अधिकारियों द्वारा किया गया।
आईएनएएस 318 अंडमान और निकोबार कमांड में विशिष्ट नौसेना वायु स्क्वाड्रन है, जो आठ मार्च, 1984 को अपने कमीशनिंग के बाद से निगरानी भूमिका में लगा हुआ है। स्क्वाड्रन ने अपनी यात्रा आइलैंडर विमान को शामिल करने के साथ शुरू की, जिसे 1999 में डोर्नियर विमान से बदल दिया गया। बयान में कहा गया है कि डोर्नियर विमान अत्याधुनिक समुद्री गश्ती रडार का इस्तेमाल करके लंबी दूरी की समुद्री निगरानी करने में सक्षम है।