डॉ. जैकब जॉन का कहना है कि ओमिक्रॉन कोरोना वायरस से कुछ अलग है ऐसे में हमें यह मान कर चलना चाहिए कि दो महामारियां साथ-साथ चल रही हैं। ये महामारियां डेल्टा व इससे मिलते-जुलते वैरिएंट और ओमिक्रॉन और इसके भविष्य के वैरिएंट की वजह से हैं।
देश में इस समय कोरोना वायरस के साथ-साथ इसके नए और अधिक संक्रामक वैरिएंट ओमिक्रॉन से संक्रमण के नए मामले तेजी से बड़ रहे हैं। वहीं, वैज्ञानिक इस बात का पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि ओमिक्रॉन कोरोना वायरस से पूरी तरह से अलग महामारी तो नहीं है।
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वायरस विज्ञानी और आईसीएमआर (भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद) के पूर्व प्रमुख डॉ. टी जैकब जॉन का कहना है कि इस बात की बहुत संभावनाएं हैं कि दो महामारियां साथ-साथ चल रही हों। इनमें से एक की वजह डेल्टा और दूसरे का कारण ओमिक्रॉन हो सकता है।
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार डॉ. जैकब का कहना है कि यह तय हो चुका है कि ओमिक्रॉन कोरोना के अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा, कप्पा, म्यू या वुहान-डी614जी से उत्पन्न नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मेरे हिसाब से यह अज्ञात वंश के एक प्रकार का है।
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कोरोना और ओमिक्रॉन से होने वाली बीमारी भी अलग-अलग
उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन कोरोना वायरस महामारी से कुछ अलग है। दोनों से होने वाली बीमारियां भी अलग हैं। ऐसे में यह माना जा सकता है कि दो महामारियां एक साथ चल रही हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी इसे लेकर वैज्ञानिक अध्ययनों और साक्ष्यों की आवश्यकता है।
भारत में शनिवार को मिले दो लाख 71 हजार से ज्यादा मरीज
भारत में शनिवार को कोरोना के दो लाख 71 हजार 202 नए मामले आने के बाद संक्रमण के कुल मामले बढ़कर तीन करोड़ 71 लाख 22 हजार 164 हो गए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इनमें कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन स्वरूप के 7743 मामले भी शामिल हैं।
टीकाकरण अभियान का एक साल पूरा हुआ, डाक टिकट जारी
रविवार को भारत मेंराष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान का एक वर्ष पूरा हो गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने एक विशेष डाक टिकट जारी किया। उन्होंने कहा कि 70 फीसदी वयस्क आबादी को टीके की दोनों जबकि 93 फीसदी को पहली खुराक दी जा चुकी है।