लोकसभा सचिवालय के एक बयान के मुताबिक, लोकसभा स्पीकर ने पुलिस प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की महत्वपूर्ण भूमिका का जिक्र किया और इस बात पर प्रकाश डाला कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता सर्वोपरि है। बिरला ने पुलिस की सामाजिक भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें डर के बजाय आत्मविश्वास को प्रेरित करना चाहिए। लोगों को किसी भी अवैध या गलत गतिविधियों को स्वतंत्र रूप से रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
बिरला ने कहा कि नीतियों और प्रक्रियाओं पर खुले तौर पर जानकारी साझा करके एक पारदर्शी पुलिस प्रशासन सक्रिय रूप से सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ाने और कानून प्रवर्तन और उन लोगों के बीच बंधन को मजबूत करने में समाज को शामिल करता है जो इसकी सेवा करते हैं। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से आग्रह किया कि वे जांच में त्वरित और गुणात्मक परिणामों के लिए प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें।
लोकसभा स्पीकर ने कहा कि पिछले सत्र के दौरान पेश किए गए पुलिस और आपराधिक कानूनों से संबंधित तीन नए विधेयकों के कानून बनने के बाद इससे उन्हें अधिक प्रभावी तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से नवाचार को अपनाने का भी आग्रह किया, जिससे उनकी आधिकारिक जिम्मेदारियों से निपटने की उनकी क्षमता बढ़ेगी।