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केंद्र सरकार में 'पदोन्नति' से इनकार करने वाले अफसरों को मिली चेतावनी, 48 घंटे बाद सूची में हटा दिया जाएगा नाम

Sat, 19 Dec 2020 07:02 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एडहॉक पदोन्नति वाले अफसरों को नए पद के अनुसार बढ़ी हुई सेलरी और भत्ते मिलते हैं। हालांकि यह नियमित पदोन्नति नहीं होती है, इसलिए ज्यादातर अधिकारी इसे स्वीकार करने में आनाकानी करते हैं...
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दफ्तर में काम करता एक सरकारी कर्मचारी। - फोटो : PTI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने जिन अफसरों को पदोन्नति दी है, वे उसे लेने से ही इनकार कर रहे हैं। पदोन्नति के आदेश जारी हुए एक सप्ताह से ज्यादा का वक्त हो चुका है, लेकिन अधिकारियों ने नया पद ग्रहण करने में कोई रुचि नहीं दिखाई है। जिन अधिकारियों का नाम पदोन्नति सूची में शामिल था, उनमें से करीब 70 फीसदी अधिकारी ज्वाइन करने के लिए आगे नहीं आ रहे। इनमें डायरेक्टर और अंडर सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

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इन अफसरों की मनमर्जी से परेशान होकर डीओपीटी ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को आदेश जारी कर कहा है कि इन अधिकारियों को नए पद पर तुरंत ज्वाइन कराया जाए। अगर ये अफसर पदोन्नति से मना करते हैं तो उसे यह माना जाएगा कि ये अधिकारी पदोन्नति के मकसद को तोड़ रहे हैं। ऐसे अफसर 21 दिसंबर तक नए पद पर ज्वाइन नहीं करते हैं तो उनका नाम पदोन्नति सूची से हटा दिया जाए।


बता दें कि केंद्र सरकार 11 दिसंबर और 14 दिसंबर को जारी आदेशों में अनेक अफसरों को एडहॉक पदोन्नति देने की घोषणा की थी। इनमें डिप्टी सेक्रेटरी को डायरेक्टर के पद पर पदोन्नत किया किया था। अंडर सेक्रेटरी को डिप्टी सेक्रेटरी के पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सेक्शन अफसर को अंडर सेक्रेटरी का पद दिया गया है।
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अब एक सप्ताह बाद जब ज्वाइनिंग करने वाले अधिकारियों की सूची जांची गई तो आला अफसर हैरान रह गए। अधिकांश अफसरों ने पदोन्नति वाली जिम्मेदारी लेने में कोई रुचि नहीं दिखाई। नतीजा, डीओपीटी को कठोर शब्दों में एक नया आदेश जारी करना पड़ा। इसमें कहा गया है कि एडहॉक पदोन्नति देने का कोई मतलब होता है।

यह पदोन्नति विभाग की कार्यप्रणाली में दक्षता लाने के लिए दी जाती है। इस पदोन्नति को विशेष व्यवस्था के तहत रखा गया है। जो अधिकारी अब नए पद पर ज्वाइन नहीं कर रहे हैं, इसका मतलब है कि वे विभाग के उस खास मकसद को तोड़ना चाहते हैं, जिसके अंतर्गत एडहॉक पदोन्नति दी गई है।

21 दिसंबर तक अगर ये अधिकारी पदोन्नति स्वीकार नहीं करते हैं तो उनका नाम सूची से काट दिया जाए और उनके स्थान पर दूसरे अधिकारी को जो वरिष्ठता सूची क्रम में ऊपर हो, उसे पदोन्नति दे दी जाए। साथ ही डीओपीटी ने यह भी कहा है कि जो अधिकारी ज्वाइन नहीं कर रहे, उनका नाम एक अलग ईमेल के जरिए डीओपीटी को भेज दें।

एडहॉक पदोन्नति वाले अफसरों को नए पद के अनुसार बढ़ी हुई सेलरी और भत्ते मिलते हैं। हालांकि यह नियमित पदोन्नति नहीं होती है, इसलिए ज्यादातर अधिकारी इसे स्वीकार करने में आनाकानी करते हैं। इसकी अवधि भी कोई ज्यादा लंबी नहीं होती। इन अफसरों को 30 जून 2021 तक यह पदोन्नति मिलेगी। इस बीच उस पद पर अगर कोई नियमित दावेदार आ जाता है तो पदोन्नति प्राप्त अधिकारी को पहले वाले पद पर आना पड़ेगा।

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