ओडिशा के कटक जिले के बालिपुट के पास सतकोसिया ईको रिट्रीट कैंप में बनें अस्थायी कैनवास कॉटेज में रहने वाले दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रविवार सुबह बाल-बाल बच गए। दरअसल, जिस कॉटेज में वे ठहरे हुए थे उसमें आग लग गई।
परिवहन आयुक्त संजीव पांडा और उनकी आईपीएस अधिकारी पत्नी संतोष बाला (गृह विभाग की विशेष सचिव), ईको-रिट्रीट साइट पर तीन कॉटेज में से एक में ठहरे हुए थे जिनमें आग लगी थी। पांडा ने ट्वीट कर कहा कि आग सुबह पांच बजे लगी। उन्होंने कहा कि वह और उनकी पत्नी सुरक्षित हैं। तीन कॉटेज आग की चपेट में आए हैं।
पांडा ने आग का वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया, 'भगवान की कृपा से, मैं और संतोष बच गए है। हमें किसी तरह की चोट नहीं आई है। बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण 28 फरवरी को सुबह पांच बजे सतकोसिया ईको रिट्रीट में हमारे कॉटेज में आग लग गई थी। तीन कॉटेज जल गए और किसी को कोई चोट नहीं आई है।'
दमकल कर्मियों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग की लपटों को बुझाया। हालांकि तबतक तीन कॉटेज पूरी तरह से जल चुके थे। आग के असल कारणों का फिलहाल पता नहीं चला है लेकिन माना जा रहा है कि आग बिजली की आपूर्ति में या कॉटेज में लगे एसी में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण लगी है।
ओडिशा के पर्यटन विभाग ने पुष्टि की कि घटना में किसी को चोट नहीं आई है और न ही मौत हुई है। विभाग ने एक ट्वीट कर कहा, 'पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।' बीजद के बडंबा से विधायक देबी मिश्रा ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया।
बता दें कि सतकोसिया ईको रिट्रीट कैंप को ओडिशा पर्यटन विभाग द्वारा कटक जिले के अतागढ़ उपमंडल के तहत नरसिंहपुर में बालिपुट में महानदी नदी के तट पर पिछले साल 29 दिसंबर को कोविड-19 के बाद पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था। इन कैंपों का उद्घाटन केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया था। सतकोसिया के अलावा, कोणार्क, भितरकनिका, दरिंगबाड़ी और हीराकुद में रामचंडी समुद्र तट पर एक उत्सव का आयोजन किया गया था।