ओडिशा के मलकानगिरी में एक व्यक्ति, जो नदी की धारा में 20 घंटे तक फंसा रहा, को वायुसेना ने हेलिकॉप्टर के जरिए रेस्क्यू किया है। जानकारी के मुताबिक, इरमा सोधी छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से नाव के जरिए अपने गांव लौट रहे थे। तभी अचानक उनकी नाव पलट गई थी।
ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर सबरी नदी के बीचों-बीच फंसे एक व्यक्ति को 20 घंटे बाद भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर से सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह व्यक्ति, 45 वर्षीय इरमा सोधी, मलकानगिरी जिले के कोटामाटेरु गांव का रहने वाला है।
कैसे हुआ हादसा?
रविवार को इरमा सोधी छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से नाव के जरिए अपने गांव लौट रहे थे। तभी अचानक उनकी नाव पलट गई। नाव डूबने के बाद उन्होंने एक पेड़ की टहनी पकड़कर कुछ देर तक तैरने की कोशिश की। बाद में वे नदी के बीच में मौजूद एक बड़े पत्थर तक पहुंचे और उसी पर चढ़कर पूरी रात वहीं फंसे रहे।
मदद की जानकारी कैसे मिली?
सोमवार सुबह नदी के दूसरी ओर मौजूद कुछ लोगों ने इरमा सोधी को उस पत्थर पर देखा। उन्होंने तुरंत मलकानगिरी जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक नरसिंहा मदकामी को इसकी जानकारी दी। सबसे पहले ओडिशा के दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन नदी की तेज धारा के कारण वे पास नहीं जा सके। इसके बाद मलकानगिरी प्रशासन ने छत्तीसगढ़ के सुकमा प्रशासन से संपर्क किया।
सुकमा के अस्पताल में शख्स कराया गया भर्ती
विधायक नरसिंहा मदकामी ने भी सुकमा के भाजपा जिलाध्यक्ष से मदद मांगी, जिसके बाद बचाव कार्य तेज हुआ। आखिरकार, जगदलपुर से भारतीय वायुसेना का एक हेलिकॉप्टर भेजा गया। हेलिकॉप्टर ने इरमा सोधी को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद शख्स को तुरंत सुकमा के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।