कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने सोमवार को अपना घोषणा पत्र जारी किया। संगठन ने कहा है कि अगर वह इस बार दिल्ली विश्वविद्यालय का चुनाव जीतती है तो वह छात्रों के लिए 10 रुपये में कैंटीन में खाना उपलब्ध कराने का काम करेगी। संगठन ने कहा कि पूरे देश में अनेक जगहों पर रियायती दरों पर लोगों को खाना उपलब्ध कराया जाता है तो छात्रों को यह सहूलियत क्यों नहीं मिलनी चाहिए। खासकर ऐसे दौर में जब पढ़ाई अधिक से अधिक महंगी होती जा रही है।
दिल्ली को विशेष विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग करते हुए एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष फैरोज खान ने कहा कि छात्र किसी भी देश का भविष्य होते हैं। ऐसे में उनकी पढ़ाई-लिखाई में सुविधा देने की सबसे अधिक कोशिश की जानी चाहिए। लेकिन इस देश का दुर्भाग्य है कि जिस समय उच्च शिक्षा में निवेश बढ़ाने की जरुरत है उसी समय में हमारी केंद्र सरकार उच्च शिक्षा पर खर्च कम करती जा रही है। उन्होंन कहा कि अगर एनएसयूआई चुनाव जीतती है तो वह डीयू को विशेष विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग करेगी।
स्टूडेंट्स कमीशन से सुलझ सकती है समस्या
फैरोज खान ने कहा कि एनएसयूआई महसूस करती है कि अगर इस देश में महिलाओं, बच्चों, पिछड़ों या दलितों के लिए अलग कमीशन बनाया जा सकता है तो देश के भविष्य बच्चों के लिए कमीशन क्यों नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर एक स्टू़डेंट्स कमीशन जैसी व्यवस्था होगी तो वह छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगी। इससे न सिर्फ छात्रों को किसी मामले में त्वरित न्याय मिलेगा, बल्कि दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने में भारत को मदद मिलेगी।