भाला, बल्लम, संगीन या तलवार रखने वालों को भी अब लाइसेंस की जरूरत होगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए नई अधिसूचना जारी की है। हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार ने इनके लिए लाइसेंस को लेकर अभी कोई नियमावली नहीं बनाई है। ज्यादातर लोगों को तो यह पता भी नहीं है कि इन हथियारों के लिए लाइसेंस लेना होगा।
केंद्र सरकार ने 15 जुलाई की अधिसूचना में तलवार संगीन, कटार और भाला - बल्लम रखने वालों को लाइसेंस की अनिवार्यता कर दी है। लाइसेंस फीस 500 रुपये निर्धारित की गई है। हर दो साल में लाइसेंस का नवीनीकरण होगा जिसके लिए 100 रुपये फीस है। अधिसूचना केबाद अब उत्तर प्रदेश सरकार को नियमावली बनानी होगी। गांव, कस्बों और शहरों में सुरक्षा के लिहाज से लोग लंबे अर्से से अपने घरों में ये हथियार रखते आए हैं।
लाइसेंस बनवाने के लिए भी कुछ जागरूक लोगों ने कलेक्ट्रेट में जानकारी करनी चाही लेकिन यहां के अस्त्र-शस्त्र विभाग में इस तरह की जानकारी नहीं है। अधिकारी प्रदेश सरकार के गृह विभाग से यह जानकारी ले रहे हैं कि इनकेलाइसेंस बनाने की प्रक्रिया कैसी होगी? आवेदन का प्रारूप क्या होगा। इसके लिए पुलिस से रिपोर्ट लेनी होगी या फिर सामान्य तौर पर लाइसेंस दे दिया जाएगा। लाइसेंस की बुक बारूद के शस्त्र की तरह होगी या फिर सामान्य लाइसेंस की तर्ज पर इन शस्त्रों के लाइसेंस जारी होंगे।