मानव संसाधन विकास मंत्रालय की शाला दर्पण योजना जुलाई में केंद्रीय विद्यालय संगठन के 1135 स्कूलों में हो जाएगी शुरू
स्कूलों में बच्चे की परफारमेंस, व्यवहार समेत बंक मारने की जानकारी अब अभिभावकों को एमएमएस के माध्यम से मोबाइल फोन समेत ईमेल आईडी पर मिल जाया करेगी। देशभर के सभी केंद्रीय विद्यालयों में जुलाई से मानव संसाधन विकास मंत्रालय की शाला दर्पण योजना के तहत छात्र, अभिभावक, शिक्षक व प्रिंसिपल एक प्लेटफार्म पर आमने-सामने होंगे।
पहली से 12वीं कक्षा तक के 12 लाख छात्रों की डिटेल एनआईसी क्लाउड पर जमा कर दी है। सरकार को प्रति एसएमएस का खर्चा करीब चार से पांच पैसे पड़ेगा। इसके लिए बच्चों को चिप युक्त स्मार्ट कार्ड दिया जाएगा। जिसके जरिए उसे अपनी हाजिरी लगानी होगी। अनुपस्थित रहने पर एक समय के बाद स्वयं ही उसकी गैरहाजिरी का एसएमएस और मेल जारी हो जाएगा।
मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने स्कूलों में बच्चों के परफारमेंस, उसके व्यवहार को लेकर चिंता करने वाले अभिभावकों के लिए राहत का प्लेटफार्म दिया है।
मंत्रालय की महत्वकांक्षी योजना शाला दर्पण के तहत पहली बार केंद्रीय विद्यालय के कुल 1135 स्कूलों के 12 लाख छात्रों का आंकड़ा एक प्लेटफार्म पर इकट्ठा कर लिया गया है। करीब 11 महीनों में छात्रों की रिपोर्ट तैयार करने के साथ-साथ करीब 56 हजार शिक्षकों को भी इसके साथ जोड़ा गया है। स्कूलों में अभिभावकों को ईमेल आईडी और पासवर्ड बंटने का काम भी शुरू हो रहा है, जोकि एनआईसी ने तैयार किया है।
स्मार्ट कार्ड से अन्य सुविधाएं भी
एनआईसी क्लाउड पर 12 लाख स्कूली बच्चों का डाटा जमा, छात्र, अभिभावक, शिक्षक व प्रिंसिपल एक प्लेटफार्म पर आमने-सामने
सभी कक्षाओं के 12 लाख छात्रों को इसी स्मार्ट कार्ड के प्रयोग से लाइब्रेरी से लेकर अन्य सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। स्मार्ट कार्ड में छात्र का ब्लडग़्रुप से लेकर यदि कोई बीमारी होगी तो उसकी भी जानकारी होगी, जोकि आपात स्थिति में मदद करेगी। इसके अलावा निजी शौक, अवॉर्ड्स, खेलकूद आदि हर छोटी-बड़ी बात भी शेयर होगी। यदि छात्र स्कूल या शहर बदलता है तो यह स्मार्ट कार्ड उक्त रीजन के केंद्रीय विद्यालय संगठन में ट्रांसफर हो जाएगा।
एक क्लिक पर छात्र-शिक्षक का रिपोर्ट रिकार्ड
एक क्लिक पर छात्र और शिक्षक का रिकार्ड अभिभावकों से लेकर प्रिंसिपल के सामने होगा। पहली से 12 वीं कक्षा तक क्लास टेस्ट से लेकर अन्य टेस्ट पर छात्र की परफारमेंस के अलावा शिक्षक ने क्या किया, उसका भी रिकार्ड उपलब्ध होगा। यानी छात्र के साथ शिक्षक की भी मॉनेटरिंग होगी। अभिभावकों को दाखिला, फीस, परीक्षा व एमआईएस रिपोर्ट भी इसी के माध्यम से मिल जाया करेगी। वहीं, शिक्षक ऑनलाइन पाठ्य सामग्री, परफॉरमेंस डाटा सब कुछ ईमेल के माध्यम से अभिभावकों को भेज सकेगा।
डिलिट किया तो फिर अलर्ट होगा जारी
बेशक ईमेल आईडी व पासवर्ड अभिभावक के साथ-साथ छात्र के पास भी होगा। लेकिन यदि छात्र ईमेल से कोई जानकारी या शिकायत डिलिट करता है तो उसकी तुरंत मोबाइल एसएमएस से सूचना अभिभावक व प्रिंसिपल के पास पहुंच जाएगी।
Published By Rahul Sankrityayan