राजधानी की लाइफलाइन बन चुकी दिल्ली मेट्रो का बढ़ता किराया लोगों को परेशान करने लगा है, लेकिन उम्मीद है कि मेट्रो के किराए में अब जल्दी वृद्धि नहीं होगी। दरअसल, अब दिल्ली मेट्रो बिजली से नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश से आई सोलर पॉवर से चलेगी जो अपेक्षाकृत सफर काफी सस्ता होगा। इस समय दिल्ली मेट्रो का सबसे ज्यादा खर्च बिजली खरीदने में होता है। इसके अलावा सोलर पावर के प्रयोग से वातावरण को साफ रखने में भी मदद मिलेगी। यह बिजली मध्यप्रदेश के रीवा से आएगी।
योजना से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक सोमवार एक अक्टूबर से दिल्ली मेट्रो को रीवा से आ रही सोलर बिजली मिलनी शुरु हो जाएगी। यह दिल्ली मेट्रो की लगभग 90 फीसदी बिजली जरुरतों को पूरा करेगी। इससे दिल्ली मेट्रो को राजधानी की बिजली कंपनियों पर निर्भरता बहुत कम रह जाएगी जो बार-बार अपनी परेशानियों के कारण अतिरिक्त बिजली देने में असमर्थ रहती थीं।
यहां यह समझना बेहद महत्त्वपूर्ण है कि सोलर बिजली के उत्पादन में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो गया है। रीवा में सोलर बिजली का उत्पादन केवल बड़े प्लांट्स में ही नहीं, बल्कि नागरिकों के घरों की छतों, सरकारी-प्राइवेट कंपनियों के कार्यालयों की छतों पर किया जा रहा है। इससे मध्यप्रदेश को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है जिसने सोलर पावर के उत्पादन के मामले में पूरे देश को एक नई राह दिखाई है।