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विपक्ष ही नहीं, आरएसएस से जुड़े संगठन भी बढ़ा रहे मोदी सरकार की मुश्किलें

Wed, 18 Jul 2018 09:13 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एक तरफ विपक्ष संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाकर सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है, वहीं आरएसएस से जुड़े संगठन भी उसकी परेशानी का सबब बन रहे हैं। आरएसएस से जुड़े भारतीय मजदूर संघ के उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन ने बुधवार को सरकार और रेलवे की नीतियों का विरोध किया। 

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भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री अशोक शुक्ला ने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसी की भी हो, लेकिन अगर उसकी नीति गरीब मजदूरों के लिए ठीक नहीं है, तो वह उनका विरोध हर हाल में जारी रखेंगे। 

शुक्ला ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीति अफसरों के हितों को पूरा करती है जबकि गरीब मजदूरों को लगातार परेशान किया जा रहा है। संगठन ने उत्तर रेलवे महाप्रबंधक के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन भी किया। इसके पूर्व आरएसएस के सहयोगी संगठन स्वदेशी जागरण मंच ने सरकार की नीतियों को स्वदेशी उद्योगों के खिलाफ बताया था, और उसके खिलाफ प्रदर्शन भी किया था।
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क्या है यूनियन की मांग
उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन की मांग है कि सरकार पहले की तरह पेंशन योजना लागू करे जिससे रिटायर्ड कर्मचारी को शेष जीवन के लिए सुरक्षा मिल सके। संगठन की सबसे बड़ी मांग नई नौकरियों को लेकर है।

प्रदर्शन के संयोजक इंद्रजीत सिंह के मुताबिक सरकार हर काम अब संविदा पर रखे कर्मचारियों की मदद से या ठेकेदारों के माध्यम से कर रही है। जहां परमानेंट प्रकृति का काम है, वहां भी संविदा पर लोगों को रखा जा रहा है। एक नीति के तहत परमानेंट नौकरियों को खत्म किया जा रहा है। सरकार को इस नीति को बदलना चाहिए। संगठन ने इसके अलावा कर्मचारियों के बेहतर सेवाओं को देने की मांग भी की।

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