चुनाव अधिकारी ने बताया, बूथ स्तर की शांति बैठकें 27 और 28 फरवरी को आयोजित होंगी, जिसमें सभी राजनीतिक दलों, प्रतिष्ठित नागरिकों और पेशेवरों से भाग लेने का आग्रह किया गया है।
त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए 16 फरवरी को मतदान हुआ था। दो मार्च को मतगणना होनी है। इसके लिए 21 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। ऐसे में राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कमर कस ली है।
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अधिकारियों का कहना है कि मतगणना प्रक्रिया के दौरान और बाद में राज्य में कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं हो यह सुनिश्चित करने के लिए बूथ स्तर पर शांति बैठक आयोजित करने का फैसला किया है। निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) गित्ते किरणकुमार दिनकरराव ने बताया, हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतगणना के दिन राज्य में शांति बनी रहे।
चुनाव अधिकारी ने बताया, बूथ स्तर की शांति बैठकें 27 और 28 फरवरी को आयोजित होंगी, जिसमें सभी राजनीतिक दलों, प्रतिष्ठित नागरिकों और पेशेवरों से भाग लेने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा, परिणाम घोषित होने के बाद राजनीतिक दलों से संयम बरतने को कहा जाएगा।
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मतगणना केंद्रों की त्रिस्तरीय सुरक्षा
राज्य के सभी मतगणना केंद्रों में त्रिस्तरीय सुरक्षा परत होगी। सबसे पहला सुरक्षा घेरा राज्य पुलिस का होगा, इसके बाद त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (TSR) दूसरी की निगरानी करेगी और अंतिम परत के लिए केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, सभी 21 केंद्रों की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए सीसीटीवी लगाए गए हैं। सभी निर्वाचन क्षेत्रों में प्रक्रिया की निगरानी के लिए 60 पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं।
सड़क दुर्घटना में मतदान अधिकारी की मौत
मेघालय के पश्चिमी गारो हिल्स जिले में एक सड़क दुर्घटना में मतदान अधिकारी की मौत हो गई। सीईओ के अनुसार, चुनाव अधिकारियों को जांगरापाड़ा एलपी स्कूल ले जा रहा वाहन शनिवार रात पश्चिम गारो हिल्स जिले के एक सुदूर गांव में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वाहन में सवार अन्य अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों ने मामूली चोटों आई हैं। वहीं मतदान अधिकारी चेशम को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।