चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए महामारी बन चुका है। दुनिया की एक मिलियन से ज्यादा आबादी कोरोना की चपेट में है और 70,000 से ज्यादा लोग कोरोना से अबतक अपनी जान गंवा चुके हैं। हालांकि अमेरिका समेत कई देशों में कोरोना को हराने के लिए जद्दोजहेद जारी है, साथ ही कोरोना को खत्म करने के लिए दवाई बनाने को लेकर भी कई शोध हो रहे हैं।
अमेरिका के डॉक्टर बहुत पहले ही कह चुके हैं कि कोरोना के वैक्सीन बनने में कम से कम एक से डेढ़ साल का समय लग सकता है। भारत में भी कोरोना ने अपना कहर बरपाया हुआ है। देश में कोरोना ने चार हजार से ज्यादा लोग संक्रमित है हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन का एलान कर दिया था। लेकिन क्या केवल लॉकडाउन से हम इस बीमारी से जीत पाएंगे, क्या घरों मे बंद रहना ही एक मात्र इलाज है?
बड़ी से बड़ी स्वास्थ्य संस्थाओं के पास भी इन सवालों का जवाब नहीं है। घर में रहकर और बाहर ना जाकर कोरोना वायरस को फैलने से रोकने में मदद मिल सकती है लेकिन ऐसा क्या किया जाए कोरोना से संक्रमित होने के बाद मरीज ठीक हो जाए। कैसे आप अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं कि कोरोना शरीर में प्रवेश भी करें और कुछ ना उखाड़ पाए? इसके लिए भारत सरकार ने दो आयुर्वेद के कुछ चुनिंदा तरीकों को अपनाने की बात कही है। आइए देखते हैं कि आयुर्वेद के किन तरीकों से हम खुद को स्वस्थ बना सकते हैं...
कोरोना से बचने के लिए सामान्य आयुर्वेदिक उपचार
- सूबह और शाम तिल या नारियल का तेल या घी दोनों नासिका छिद्रों में लगाएं
- एक चम्मच नारियल या तिल के तेल दो-तीन मिनट के लिए मुंह में घुमाकर थूकें और फिर गर्म पानी से कुल्ला करें
- सूखी खांसी या खराश के लिए अजवाइन या पुदीने के पत्ते डालकर गर्म पानी से भाप लें
- दिन में दो-तीन बार लौंग के पाउडर में शहद मिला कर सेवन करें
कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए अभी तक कोई दवाई नहीं बनी है लेकिन अगर हम खुद को स्वस्थ रखेंगे तो कोरोना के लक्षण दिखने पर भी उससे आसानी से लड़ा जा सकता है। अब सवाल पैदा होता है कि कोरोना से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाई जाए। इसके लिए भी भारत सरकार ने आयुर्वेद के तरीकों का अपनाने की अपील की है।
कोरोना से लड़ने के लिए कैसे बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता
- रोजाना गर्म पानी पिएं और ज्यादा पानी का सेवन करें
- हर रोज कम से कम 30 मिनट के लिए प्राणायाम और ध्यान जरूर लगाएं
- खाने में हल्दी, लहसुन, जीरा और धनिया का इस्तेमाल करें