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संसद: हाईकोर्ट जजों के चयन के लिए परीक्षा का प्रस्ताव नहीं, संविधान के प्रावधानों के तहत हो रहीं नियुक्तियां

Fri, 21 Jul 2023 07:33 AM IST
गुलाम अहमद अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा में सवाल किया गया था कि क्या सरकार हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट से सलाह लेकर प्रतियोगिता परीक्षाएं करवाने की योजना बना रही है?
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अर्जुन राम मेघवाल - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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देश के 25 हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए प्रतियोगी परीक्षा शुरू करने की सरकार की कोई योजना नहीं है। यह बात केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गुरुवार को राज्यसभा में कही। उन्होंने बताया कि जजों की नियुक्ति सांविधानिक प्रावधानों के तहत हो रही है। विधि मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार सभी 25 हाईकोर्ट के लिए जजों के पद 1,114  स्वीकृत हैं, इनमें से 333 खाली हैं।

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राज्यसभा में सवाल किया गया था कि क्या सरकार हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट से सलाह लेकर प्रतियोगिता परीक्षाएं करवाने की योजना बना रही है? इसके लिखित जवाब में विधि मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 124, 217 और 224 के तहत हो रही है। इसकी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा 6 अक्तूबर 1993 को दिए आदेश पर 1998 में बने कार्यपद्धति के ज्ञापन (एमओपी) में निर्धारित है।

उन्होंने अनुच्छेद 217 (2) के आधार पर कहा कि हाईकोर्ट जज बनने के लिए भारतीय नागरिक होना, भारत में 10 वर्ष न्यायिक पद पर रहना, एक हाईकोर्ट में 10 वर्ष या दो या दो से अधिक हाईकोर्ट में लगातार 10 वर्ष अधिवक्ता रहना अनिवार्य है।
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2,559 मछुआरे, 63 भारतीय कैदियों को पाकिस्तान से लाया गया
विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने राज्यसभा में गुजरात से राज्यसभा सदस्य नरहरि अमीन के एक प्रश्न के जवाब में बताया कहा कि 2014 से अब तक 2,559 भारतीय मछुआरों और कुल 63 नागरिक कैदियों को पाकिस्तान से वापस लाया गया है। इनमें से 398 भारतीय मछुआरों और 5 भारतीय नागरिकों को इस साल पाकिस्तान से स्वदेश लाया गया।

यूपी समेत 21 राज्यों ने बनाया भूजल कानून
उत्तर प्रदेश समेत देश के 21 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों ने भू-जल कानून बनाकर अपने यहां लागू कर दिया है। केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री बिश्वेश्वर तुडु ने बताया कि असम, बिहार, आंध्रप्रदेश, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, प. बंगाल, चंडीगढ़, दादर और नगर हवेली, दमन-दीव, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, लक्षद्वीप और पुडुचेरी ने कानून बनाया।

इंडिया की पहली बैठक
मानसून सत्र के पहले दिन कार्यवाही शुरू होने से पूर्व विपक्षी समूह इंडिया की गुरुवार को पहली बैठक हुई। नेता प्रतिपक्ष खरगे की अगुवाई में हुई इस बैठक में 11 विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया। बैठक में मणिपुर हिंसा, बालासोर रेल हादसा, महंगाई, केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग, दिल्ली अध्यादेश पर बारी-बारी से सरकार को घेरने की रणनीति बनी।

पूरी तरह डिजिटल हुई राज्यसभा
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ का कामकाज अब पूरी तरह से डिजिटल हो गया है। वह सदन के कामकाज के संचालन से जुड़े मामलों, सदन में उपस्थिति, बोलने वाले सदस्यों के विवरण और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के लिए इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट का उपयोग करेंगे। मानसून सत्र के पहले दिन उन्होंने सदन की कार्यवाही आई-पैड से ही संचालित की।

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