चकमा संगठनों की तरफ से लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि मिजोरम सरकार की तरफ से उच्च स्तरीय जांच में, त्रिपुरा के साथ राज्य की सीमा पर हिंसा की घटनाओं में दो आईआरबी कर्मियों की कोई गलती नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में मिजोरम सीमा के पास उत्तर त्रिपुरा जिले के चकमा बहुल कवनपुई गांव के पास एक खाली घर में आग लगाने में मिजो संगठनों की किसी भी संलिप्तता को इनकार कर दिया है।
दरअसल मिजोरम के दो भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के कर्मी, जो अंतर-राज्यीय सीमा की रखवाली कर रहे थे, को 18 अप्रैल को कथित तौर पर पीटा गया था और बाद में दो दिन बाद घर में आग लगा दी गई थी। इसके बाद मिजोरम के पुलिस महानिदेशक एसबीके सिंह ने दोनों घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए।
उप महानिरीक्षक (सीआईडी) की देखरेख में यह जांच की गई।