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चुनाव पूर्व महागठबंधन संभव नहीं, बैठक में तय होगी रूपरेखा: येचुरी

Sat, 09 Feb 2019 06:29 PM IST
Trainee Trainee भाषा,नई दिल्ली,
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महासचिव सीताराम येचुरी - फोटो : amar ujala
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माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिये चुनाव पूर्व महागठबंधन की संभावना से इंकार करते हुये कहा  कि पार्टी आगामी तीन और चार मार्च को प्रादेशिक स्तर पर विभिन्न धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ चुनावी सहयोग की रूपरेखा तय करेगी।
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येचुरी ने शनिवार को संवाददाताओं को बताया कि पार्टी पोलित ब्यूरो ने चुनाव पूर्व ‘महागठबंधन’ को नकारते हुये अगले आम चुनाव में राज्यों की स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर चुनावी सहयोग कायम करने का फैसला किया है जिससे भाजपा विरोधी मतों को एकजुट किया जा सके। उन्होंने बताया, ‘‘अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर आज खत्म हुई माकपा पोलित ब्यूरो की बैठक में सभी राज्यों की रिपोर्ट के विश्लेषण के आधार पर यह फैसला किया गया।’’ 

पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में कांग्रेस के साथ चुनावी सहयोग के सवाल पर येचुरी ने कहा कि किस राज्य में किस दल के साथ किस प्रकार का चुनावी सहयोग कायम करना है, इसकी रूपरेखा आगामी तीन और चार मार्च को पार्टी की केन्द्रीय समिति की बैठक में तय होगी। 
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उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक पश्चिम बंगाल का सवाल है, आप जानते हैं वहां वाममोर्चा में माकपा सहित नौ दल हैं और मोर्चा ने फिलहाल किसी अन्य दल को इसमें शामिल करने का फैसला नहीं किया है। इस पर अभी चर्चा चल रही है। इसके अलावा विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ने वाले राजद, राकांपा सहित अन्य दलों के साथ भी बातचीत चल रही है।’’ 

लोकसभा चुनाव के लिये उम्मीदवारों के चयन के सवाल पर भी येचुरी ने कहा कि केन्द्रीय समिति की बैठक के बाद ‘जीतने की संभावना’  के आधार पर उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी।

उन्होंने मध्य प्रदेश में कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार द्वारा गोहत्या के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मामला दर्ज करने की आलोचना करते हुए इसे रासुका का दुरुपयोग बताया है। पार्टी ने राज्य सरकार से आरोपियों के खिलाफ रासुका हटाने की मांग करते हुए कहा कि इस मामले में अपराध से संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। 

येचुरी ने बताया कि पोलित ब्यूरो ने लड़ाकू विमान राफेल की खरीद में कथित गड़बड़ी के मामले में हो रहे नए खुलासों का हवाला देते हुये संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की मांग को दोहराया है। उन्होंने कहा कि पोलित ब्यूरो ने चालू बजट सत्र के शेष बचे तीन दिनों में जेपीसी गठित करने की मांग की है। 
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