उन्होंने कहा, 'मैं एससीबीए की कार्यकारी समति की ओर से यह पत्र लिख रहा हूं। ताकि, आप सुप्रीम कोर्ट की सभी पीठों को सलाह दें कि सोमवार को सूचीबद्ध किसी भी मामले में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के चलते वकील के पेश न होने पर कोई प्रतिकूल आदेश पारित न करें।' वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि समारोह सोमवार सुबह शुरू होगा और देर शाम तक चलेगा।
पत्र में आगे कहा गया है कि आप निसंदेह इस उत्सव के महत्व के बारे में जानते हैं। मेरे कुछ मुस्लिम भाइयों ने भी मुझसे संपर्क किया है कि मैं इस दिन के लिए छुट्टी घोषित कराने के लिए अनुरोध करूं। हम कार्य दिवसों के महत्व को जानते हैं। लेकिन, हम खासतौर पर आपसे यह आग्रह कर रहे हैं कि किसी भी मामले में वकील या वादी की गैरमौजूदगी में कोई प्रतिकूल आदेश पारित न किया जाए।
उन्होंने कहा, कई न्यायाधीशों और वरिष्ठ कानून अधिकारियों को अयोध्या में आमंत्रित किया गया है। वे भी इस प्रार्थना समारोह में भाग ले सकते हैं। अग्रवाल ने कहा कि वह भी अयोध्या में प्रार्थना समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और ज्यादातर राज्य सरकारों ने लोगों को इस प्रार्थना समारोह में भाग लेने का अवसर प्रदान करने के लिए आधे दिन की छुट्टी घोषित की है। इसमें दिल्ली की केजरीवाल सरकार भी शामिल है। राम मंदिर में सोमवार को रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होगी।