लेकिन जब I.N.D.I गठबंधन बना और ममता बनर्जी-अरविंद केजरीवाल ने इसके संयोजक के लिए मल्लिकार्जुन खरगे का नाम प्रस्तावित कर दिया, तो नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव से नाराज हो गए। दरअसल, उन्हें इस बात की जानकारी मिल गई कि राजद उनका उपयोग कर तेजस्वी यादव को बिहार की राजनीति में सेट करना चाहती है, लेकिन इसके बदले में उन्हें कुछ देना नहीं चाहती।
जदयू नेता ने अमर उजाला से कहा कि जब ममता बनर्जी खरगे को इंडिया गठबंधन का नेता बनाने की बात कह रही थी, तब यदि लालू प्रसाद यादव चाहते तो नीतीश कुमार का नाम संयोजक के तौर पर आगे बढ़ा सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। नीतीश कुमार ने माना कि लालू प्रसाद यादव उनसे विश्वासघात कर रहे हैं। इसके बाद ही नीतीश कुमार उस बैठक के बाद तुरंत पटना लौट आए थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह नाराजगी ही उनकी एनडीए में वापसी का कारण बनती दिख रही है।