बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को चेन्नई में आयोजित राष्ट्रीय नेताओं की बैठक को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बिहार में 2016 से पूरी तरह से शराबबंदी लागू है। अगले साल भारत महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने जा रहा है। ऐसे में इस मौके पर राष्ट्रपिता को सच्ची श्रद्धांजलि पूरे देश में शराबबंदी लागू करके दी जा सकती है।
चेन्नई के कलाईगनार मुथुवेल करुणानिधि के लिए आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मौजूद राष्ट्रीय नेताओं के बीच कुमार ने कहा कि डीएमके ने 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणापत्र में शराबबंदी को प्रमुखता दी थी। नीतीश ने कहा कि करुणानिधि भी
शराबबंदी के पक्षधर थे। उन्होंने घोषणापत्र में कहा था कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह लोगों के हित में पूरे राज्य में शराबबंदी लागू करेंगे।
एक साक्षात्कार के दौरान करुणानिधि ने कहा था कि जब बिहार में शराबबंदी लागू हो सकती है तो तमिलनाडु में क्यों नहीं?
नीतीश ने कहा कि अब डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन की यह जिम्मेदारी है कि वह करुणानिधि की घोषणा को उसके लक्ष्य तक पहुंचाएं। करुणानिधि की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के आदर्श और समाजहित में किए काम राजनैतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ ही नेताओं को हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।