केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने एक्सप्रेसवे पर 170 किमी प्रति घंटा की गति से एक कार में सवारी कर गति परीक्षण भी किया।
उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, 'मैंने मध्यप्रदेश में अब तक सड़क परियोजनाओं के लिए 1.50 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। मैं आने वाले दिनों में सड़क परियोजनाओं के लिए एक लाख करोड़ रुपये और मंजूर करने जा रहा हूं।'
45 मिनट से अधिक समय तक चले निरीक्षण के दौरान गडकरी के साथ सांसद गुमान सिंह डामोर, अनिल फिरोजिया, सुधीर गुप्ता और रतलाम जिले के विधायक चेतना कश्यप मौजूद थे। मौके पर अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
मध्यप्रदेश के तीन जिलों से गुजरता है एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे मध्यप्रदेश के तीन जिलों से होकर गुजरता है, जिनमें रतलाम, मंदसौर और झाबुआ शामिल हैं। यह एक्सप्रेसवे मध्यप्रदेश में 245 किलोमीटर तक है। इसका निर्माण कार्य 2022 तक पूरा होने का अनुमान लगाया गया है। पहले चरण में आठ लेन बनाने का प्रस्ताव है, बाद में इसे 12 लेन किया जाएगा। आठ लेन का दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात से होकर गुजरेगा।
गुजरात के भरूच में भी किया निरीक्षण
इस बीच, गडकरी ने गुजरात के भरूच में भी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया। एक्सप्रेसवे के तहत राज्य में 60 पुल, 17 इंटरचेंज, 17 फ्लाईओवर और रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाए जाएंगे। इस दौरान गडकरी ने उस क्षेत्र का भी निरीक्षण किया जहां एक दिन में सबसे तेज सड़क निर्माण का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था, यह 2.5 किलोमीटर फोर लेन कंक्रीट रोड और 25 किलोमीटर तक एक लेन सोलापुर-बीजापुर सड़क है। बता दें कि गुजरात में 35,100 करोड़ रुपये की लागत से 423 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा रहा है।