Tamil Nadu: तमिलनाडु के मछुआरों को श्रीलंकाई नेवी की तरफ से गिरफ्तार करने का सिलसिला जारी है। ये जानकारी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने केंद्र सरकार को दी है। उन्होंने आग्रह भी किया है कि मछुआरों और उनकी नावों को छुड़ाने के लिए जल्द कदम उठाए जाएं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने बुधवार को केंद्र सरकार को बताया कि श्रीलंकाई नौसेना ने राज्य के नौ मछुआरों को गिरफ्तार किया गया है और उनकी दो नावों को भी अपने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने केंद्र सरकार से सभी मछुआरों और उनकी नावों की रिहाई के लिए जल्द कदम उठाने का आग्रह किया।
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87 मछुआरों और 175 नावों की रिहाई की मांग
विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखे पत्र में सीएम एम. के. स्टालिन ने राज्य के कुल 87 मछुआरों और 175 नावों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए तत्काल उपाय करने की मांग की। बता दें कि 22 जुलाई, 2024 को रामेश्वरम के नौ मछुआरों और उनकी दो मछली पकड़ने वाली नावों को श्रीलंकाई नेवी अधिकारियों ने अपने कब्जे में ले लिया था।
2014 के बाद से सबसे अधिक मछुआरे किए गए गिरफ्तार- स्टालिन
वहीं अपने पत्र में मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने लिखा कि मैं यह बताने के लिए बाध्य हूं कि इस कैलेंडर वर्ष के दौरान 22 जुलाई 2024 तक अकेले श्रीलंकाई नेवी अधिकारियों ने हमारे 250 मछुआरों को गिरफ्तार किया है, जो कि साल 2014 के बाद से सबसे अधिक है। मछुआरों को डराने-धमकाने और गिरफ्तार करने, उनकी नावों और मछली पकड़ने के उपकरणों को जब्त करने की घटनाएं लगातार जारी हैं, जिससे मछुआरा समुदाय बेहद परेशान है।
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इसलिए, मैं आग्रह करता हूं कि इस स्थिति को आसान बनाने के लिए राजनयिक माध्यमों से गंभीर प्रयास शुरू किए जाएं और मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस मुद्दे का व्यापक रूप से समाधान करें ताकि श्रीलंका से 87 मछुआरों और 175 नौकाओं की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित हो सके।
पहले भी सीएम स्टालिन ने लिखा था विदेश मंत्री को पत्र
वहीं इससे पहले भी तमिलनाडु के सीएम एम के स्टालिन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि- हाल के हफ्तों में श्रीलंकाई अधिकारियों की तरफ से तमिलनाडु के मछुआरों को हिरासत में लेने की मामलों में जबरदस्त बढोत्तरी हुई है। इसके साथ ही सीएम स्टालिन ने उनसे राज्य के मछुआरों के पारंपरिक अधिकारों को बनाए रखने के लिए एक स्थायी समाधान खोजने के लिए आवश्यक ठोस कदम उठाने का अनुरोध किया था।