केंद्र की मोदी सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए संकल्पित है। पीएम मोदी ने दिव्यांगों के लिए कई योजनाएं भी चलाईं है। वहीं, अब देश भर में नौ जिला विकलांगता पुनर्वास केंद्रों को अपग्रेड किया गया है। इन केंद्रो को अपग्रेड करने के बाद विकलांग लोगों को दी जाने वाली सुविधाओं की सूची में स्पीच और विजुअल थैरेपी के साथ ही मनोवैज्ञानिक सुविधा को शामिल किया जा सके। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने इन मॉडल डीडीआरसी का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि पहले चरण में नौ मॉडल डीडीआरसी (जिला विकलांगता पुनर्वास केंद्र) को विकसित किया गया है। इनमें बदायूं, पीलीभीत, बरेली, बालाघाट, गोलाघाट, अहमदाबाद, अमरावती, कुल्लू और रामपुर के केंद्र शामिल हैं।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने बताया कि देश भर में फैले डीडीआरसी का उद्देश्य विकलांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) को प्रभावी पुनर्वास सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि मॉडल डीडीआरसी में हियरिंग एड टेस्ट लैब, स्पीच थेरेपी रूम, विजुअल थेरेपी रूम, साइकोलॉजिस्ट रूम, फिजियोथेरेपिस्ट रूम, गैट प्रैक्टिस पैरेलल बार और टेली-मेडिसिन और टेली-थेरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने आगे कहा कि ये जिला विकलांगता पुनर्वास केंद्र अब विशिष्ट विकलांगता आईडी पोर्टल के पंजीकरण में पीडब्ल्यूडी की सहायता करेंगे। मंत्रालय ने कहा कि ये डीडीआरसी विकलांग व्यक्तियों को गुणवत्तापूर्ण पुनर्वास सेवाएं प्रदान करने में मील के पत्थर साबित होंगे। इसके साथ ही भविष्य में आने वाले नए डीडीआरसी के लिए एक उदाहरण स्थापित करेंगे।