मैसूर से दरभंगा जा रही बागमती एक्सप्रेस (12578) तमिलनाडु के कावरापेट्टई स्टेशन के पास शुक्रवार को मालगाड़ी से टकरा गई थी। इस हादसे में कई लोग घायल हुए थे। लूप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी से पीछे से टकराने के बाद इंजन समेत 12 डिब्बे पटरी से उतर गए थे।
चेन्नई के कावरापेट्टई रेलवे स्टेशन के पास बागमती एक्सप्रेस हादसे को लेकर रेलवे ने जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) रेलवे ट्रैक से छेड़छाड़ के पहलू पर भी जांच करेगी। इसके अलावा रेलवे सुरक्षा आयुक्त को मामले की वैधानिक जांच सौंपी गई है। हादसे को लेकर लोको पायलट समेत तमाम जिम्मेदारों से 16, 17 अक्तूबर को चेन्नई में पूछताछ होगी। रेलवे ने कहा कि दुर्घटना या संबंधित मामलों के बारे में जानकारी रखने वाला कोई भी व्यक्ति आयुक्त को साक्ष्य प्रदान कर सकता है।
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मैसूर से दरभंगा जा रही बागमती एक्सप्रेस (12578) तमिलनाडु के कावरापेट्टई स्टेशन के पास शुक्रवार को मालगाड़ी से टकरा गई थी। इस हादसे में कई लोग घायल हुए थे। लूप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी से पीछे से टकराने के बाद इंजन समेत 12 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। मामले में रेलवे ने जांच शुरू कर दी है। बंगलूरू दक्षिणी सर्किल के रेलवे सुरक्षा आयुक्त एएम चौधरी दुर्घटना की वैधानिक जांच करेंगे। वहीं मामले में एनआईए के अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि क्या दुर्घटना किसी तोड़फोड़ गतिविधि के कारण हुई थी? इसे लेकर एनआईए के एक अधिकारी ने दुर्घटना स्थल का प्रारंभिक निरीक्षण कर लिया है।
रेलवे सूत्रों ने बताया कि सिग्नल एवं टेलीकॉम, इंजीनियरिंग और परिचालन विभाग के वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों की टीम ने कावराइपेट्टई रेलवे स्टेशन पर दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद तोड़फोड़ की गंभीर आशंका जताई है। रेलवे पुलिस ने भी दुर्घटना का मामला दर्ज किया है।
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कैसे हुआ था हादसा?
दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक आरएन सिंह ने हादसे के बारे में बताया था कि जब कर्नाटक के मैसूर से बिहार के दरभंगा तक जाने वाली बागमती एक्सप्रेस ट्रेन का रूट- आंध्र प्रदेश और ओडिशा के रास्ते निर्धारित है। शुक्रवार को जब ट्रेन कावरापेट्टई स्टेशन से गुजर रही थी, उसी समय एक मालगाड़ी लूप लाइन पर खड़ी थी। उसे प्राथमिकता दी गई। बागमती एक्सप्रेस को बिना रुके मुख्य लाइन से गुजरना था, क्योंकि इस स्टेशन पर निर्धारित स्टॉप नहीं है। मुख्य लाइन के लिए सिग्नल भी दिए जा चुके थे। हालांकि, मुख्य लाइन के लिए सिग्नल होने के बावजूद, ट्रेन लूप लाइन में घुस गई, जो असामान्य घटना है। हालांकि लोको पायलट और सहायक लोको पायलट दोनों सुरक्षित हैं।