राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने महाराष्ट्र आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में शनिवार को छठी गिरफ्तारी की है। आरोपी आकिक अतीक नाचन को ठाणे जिले के भिवंडी से गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एजेंसी ने यहां एक बयान में कहा कि वह आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने के लिए आईईडी के निर्माण और परीक्षण में कथित रूप से शामिल था और दो अन्य आतंकवादी गुर्गों के लिए एक ठिकाने की व्यवस्था कर रहा था।
एजेंसी ने कहा कि आकिफ, जुल्फिकार अली बड़ौदावाला, मोहम्मद इमरान खान, मोहम्मद यूनुस साकी और अब्दुल कादिर पठान (महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते की पुणे इकाई ने हाल ही में इन सभी को गिरफ्तार किया था) ने कुछ अन्य संदिग्धों के साथ मिलकर आईएसआईएस की आतंकवाद संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने में संक्रिय रूप से शामिल पाया गया।
'सुफा आतंकवादी गिरोह' के सदस्य इमरान खान और मोहम्मद यूनुस साकी फरार थे और अप्रैल 2022 में राजस्थान में एक कार से विस्फोटकों की बरामदगी से संबंधित मामले में एनआईए द्वारा उन्हें 'मोस्ट वांटेड' घोषित किया गया था। एनआईए ने ठाणे की भिवंडी तहसील में कई छापे मारने के बाद आकिफ को गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दस्तावेजों जैसी कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई।
एनआईए ने कहा कि आकिफ ने पुणे के कोंढवा में एक घर में इमरान और यूनुस के ठहरने में भी मदद की थी और 2022 में कोंढवा में बम बनाने की कार्यशालाओं का आयोजन किया था और उनमें भाग लिया था।
बयान में कहा गया है कि उसने देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को भंग करने, आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की योजना बनाई थी।
चार आरोपियों की एटीएस हिरासत बढ़ी
महाराष्ट्र की एक अदालत ने आईएसआईएस से कथित तौर पर जुड़े चार लोगों की महाराष्ट्र एटीएस की हिरासत शनिवार को 11 अगस्त तक बढ़ा दी। पुणे की कोथरूड पुलिस ने 18 जुलाई को मोहम्मद इमरान और मोहम्मद यूनुस को गिरफ्तार किया था, जो राजस्थान में आतंकवाद से संबंधित एक मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा वांछित थे। इसके बाद एटीएस ने सिमब नसरुद्दीन काजी को गिरफ्तार कर लिया। एनआईए द्वारा ठाणे में गिरफ्तार किए गए जुल्फिकार अली बड़ौदावाला को भी इसी मामले में पुणे एटीएस ने हिरासत में लिया था। एटीएस ने चारों आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि वे आईएसआईएस से जुड़े थे और उनके पास से प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए गए थे। एटीएस ने कहा कि वे ईमेल और फोन के माध्यम से एक संदिग्ध हैंडलर के संपर्क में थे और यह संभावना है कि नेटवर्क में और लोग शामिल थे। एजेंसी ने उनकी हिरासत बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि आरोपियों ने विस्फोटकों में इस्तेमाल होने वाले बिजली के उपकरणों का परीक्षण किया और ज्यादा योग्य न होने के बावजूद उन्हें इन चीजों की तकनीकी जानकारी थी।